बाढ़ से जूझ रहे दरगहन में पहुंचे अरुण सार्वा, घर-घर पहुंचकर देखी तबाही

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बाढ़ से जूझ रहे दरगहन में पहुंचे अरुण सार्वा, घर-घर पहुंचकर देखी तबाही

पांच घंटे से अधिक समय तक प्रभावितों के बीच रहे जिला पंचायत अध्यक्ष, पेयजल-भोजन की तत्काल कराई व्यवस्था


उत्तम साहू 

नगरी/धमतरी। जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के चलते महानदी समेत नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। गंगरेल जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। विकासखंड नगरी के अंतिम छोर पर बसे दरगहन गांव का नया डीही मोहल्ला भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां 100 से अधिक घरों में करीब चार फीट तक पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने 25 सितंबर से ही अधिकारियों से संपर्क कर राहत एवं बचाव की व्यवस्थाओं को लेकर प्रयास शुरू कर दिए थे। शनिवार को वे स्वयं दरगहन पहुंचे और पांच घंटे से अधिक समय तक प्रभावित क्षेत्र में रहकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों के घर-घर पहुंचकर मकानों, घरेलू सामान और परिवारों की स्थिति देखी तथा ग्रामीणों से सीधे उनकी समस्याएं सुनीं।


पानी और भोजन की समस्या सामने आते ही कराई व्यवस्था



दरगहन पहुंचने पर ग्रामीणों ने पेयजल और भोजन की समस्या से सार्वा को अवगत कराया। इस पर उन्होंने तत्काल आसपास की ग्राम पंचायतों से टैंकर बुलाकर पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई। साथ ही राहत व्यवस्था को सक्रिय करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों के लिए आने वाले दिनों में भोजन की परेशानी न हो, इसके लिए खाद्य सामग्री और सब्जियों की भी व्यवस्था कराई गई।

इस दौरान पंचराम सेन, विषयलाल साहू, नारायण साहू, कुंभकरण निषाद, रोहित साहू, जेलू राम यादव, चुंबन राम साहू और नोहर निषाद सहित अन्य ग्रामीणों ने बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी दी।


पानी छोड़ने की सूचना और नाव की कमी का मुद्दा उठा



ग्रामीणों ने गंगरेल से पानी छोड़े जाने की सूचना समय पर नहीं मिलने की समस्या भी रखी। उनका कहना था कि यदि पहले सूचना मिलती तो वे घरेलू सामान और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर सकते थे। ग्रामीणों ने करीब 1500 की आबादी वाले क्षेत्र के लिए केवल एक नाव उपलब्ध होने से राहत एवं आवागमन में आ रही परेशानी की जानकारी भी दी।

सार्वा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और जरूरत के अनुसार तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


घरों के भीतर दिखी बाढ़ की भयावह तस्वीर




निरीक्षण के दौरान बाढ़ से हुए नुकसान की गंभीर तस्वीर सामने आई। कई घरों में रखा घरेलू सामान, खाद्य सामग्री और बच्चों की किताबें पानी में खराब हो गईं। कच्चे मकानों में पानी घुसने से कई परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।

80 वर्षीय फग्नीबाई निषाद, जो लंबे समय से लकवे से पीड़ित हैं, के घर में करीब साढ़े तीन फीट पानी भर गया। परिवार के सदस्यों ने उन्हें घर में उपलब्ध खाली तेल के टीपों के सहारे ऊंचाई पर सुरक्षित रखा। यह दृश्य बाढ़ की गंभीरता को बयां करता नजर आया।

सार्वा ने लोकनाथ निषाद, लक्ष्मी विश्वकर्मा, मूलचंद साहू, ममता साहू सहित अन्य प्रभावित परिवारों के घरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को क्षति का आकलन कर नियमानुसार आवश्यक राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


15 दिनों तक पेयजल और भोजन की व्यवस्था के निर्देश



निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सदस्य अजय फत्तेलाल ध्रुव, जनपद पंचायत नगरी के सीईओ नारद मांझी और तहसीलदार ख्याति कंवर भी मौजूद रहे। सार्वा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्र में आने वाले दिनों में पेयजल और भोजन की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने करीब 15 दिनों तक आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान बाढ़ के कारण रहने योग्य नहीं रह गए हैं, उनके लिए शासकीय अथवा अन्य सुरक्षित सार्वजनिक भवनों में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की जाए।

सार्वा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता से अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा तथा राहत और पुनर्व्यवस्था से जुड़े कार्यों में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।


राहत व्यवस्था में सीईओ बने नारद मांझी भी रहे सक्रिय

बाढ़ प्रभावित दरगहन में जनपद पंचायत नगरी के सीईओ नारद मांझी भी लगातार मौके पर सक्रिय रहे। उन्होंने कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर राहत व्यवस्थाओं को गति दी और ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में शासन-प्रशासन उनके साथ है और प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रयास जारी है।

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