बिरगुड़ी में प्रभु स्मृति भवन का भव्य उद्घाटन
ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी ने कहा—संगठन की शक्ति से बड़े कार्य सहज, आत्मशक्ति पहचानकर विश्व कल्याण में दें योगदान
बिरगुड़ी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय उप सेवा केंद्र बिरगुड़ी में नव निर्मित प्रभु स्मृति भवन का भव्य उद्घाटन समारोह रविवार, 20 सितंबर 2026 को हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी बहनों सहित क्षेत्र के ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मुख्य प्रवक्ता धमतरी जिले की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी ने अपने दिव्य उद्बोधन में संगठन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संगठन की शक्ति का विशेष महत्व है। संगठित होकर बड़े से बड़े कार्य को सहज और सरल रूप से पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय परिवर्तन का दौर है और ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आत्मशक्ति को पहचानने तथा स्वयं की संभाल करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि विश्व कल्याण के लिए सभी को अपने तन, मन, धन, समय, श्वास और संकल्प को सकारात्मक दिशा में जागृत करते हुए समाज में सुख-शांति का वातावरण बनाने का प्रयास करना चाहिए। जिस प्रकार भगवान गणपति को विघ्नहर्ता और सुखकर्ता के रूप में स्मरण किया जाता है, उसी प्रकार हमें भी दुखी और अशांत आत्माओं को शांति प्रदान करने वाला बनने का प्रयास करना चाहिए।
सेवानिवृत्ति पर पंचराम साहू का सम्मान
समारोह के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी मोहदी से शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए भाई पंचराम साहू का स्वागत एवं सम्मान किया गया। उन्हें ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रति समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल एवं सुखमय भविष्य की कामना की गई।
प्रभु स्मृति भवन के उद्घाटन अवसर पर धमतरी जिले के विभिन्न उप सेवा केंद्रों से ब्रह्माकुमारी बहनें उपस्थित रहीं। ग्रामीणजनों ने भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और उपस्थित लोगों ने शांति, सद्भाव तथा आत्मिक जागृति का संदेश ग्रहण किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रभु स्मृति भवन बिरगुड़ी की संचालिका फूलेश्वरी बहन ने सभी अतिथियों, ब्रह्माकुमारी बहनों एवं ग्रामीणजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने नव निर्मित भवन को क्षेत्र में आध्यात्मिक जागृति, सकारात्मक चिंतन और समाज सेवा के लिए उपयोगी केंद्र बनाने की भावना व्यक्त की।



