जलाशयों में बढ़ा जलस्तर,महानदी में छोड़ा जा रहा भारी मात्रा में पानी
गंगरेल 98.14%, मुरुमसिल्ली 100% और दुधावा 97.21% भरा; गंगरेल के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी की निकासी, तटीय गांवों में अलर्ट
धमतरी, 25 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रमुख जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे की स्थिति में गंगरेल जलाशय 98.14 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली 100 प्रतिशत, दुधावा 97.21 प्रतिशत और सोदूर जलाशय 88.18 प्रतिशत भर चुका है। जलाशयों में लगातार बढ़ रही आवक को देखते हुए सुरक्षा और जल प्रबंधन के तहत बड़ी मात्रा में पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
गंगरेल जलाशय में वर्तमान में 64,117 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए जलाशय के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें रुद्री बैराज के माध्यम से 6,000 क्यूसेक पानी नहर में तथा 48,950 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है।
इसी तरह मुरुमसिल्ली जलाशय में 7,465 क्यूसेक पानी की आवक के बीच 7,286 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। दुधावा जलाशय में 18,724 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है, जबकि 16,606 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। सोदूर जलाशय में 16,624 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और 5 गेटों के माध्यम से 16,402 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
तटीय गांवों में प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
जलाशयों से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी सहित संबंधित नदियों के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और आम नागरिकों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
प्रशासन जलाशयों में पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। परिस्थितियों के अनुसार जलाशयों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में आगे और बढ़ोतरी की जा सकती है।

