डिजिटल अरेस्ट से लेकर ओटीपी फ्रॉड तक, धमतरी पुलिस ने लोगों को किया जागरूक
इनडोर स्टेडियम से सुदूर गांवों तक चला अभियान, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं को बताए साइबर ठगी से बचाव के तरीके
धमतरी। छत्तीसगढ़ पुलिस के राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान के तहत धमतरी पुलिस ने जिलेभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में आम नागरिकों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों और डिजिटल सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।
धमतरी के आमातालाब रोड स्थित इनडोर स्टेडियम में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के बारे में समझाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय ने डिजिटल अरेस्ट, एटीएम क्लोनिंग, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लॉटरी, लोन एप और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों के प्रति लोगों को सतर्क किया।
उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई। साथ ही बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी और यूपीआई पिन किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।
गांव-गांव पहुंची साइबर सुरक्षा की जानकारी
जिले के थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने गांवों, साप्ताहिक बाजारों, स्कूलों और चौक-चौराहों पर चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया। कोतवाली क्षेत्र के साल्हेवार पारा, कोष्टापारा आजाद चौक और ब्राह्मणपारा सुभाष चौक, अर्जुनी के बोड़रा, रुद्री के रुद्री चौक, बेलतरा, सोरम व पॉली कॉलेज क्षेत्र, भखारा के गुजरा, बिरेझर के कोड़ेबोड़ और करेली बड़ी के कुण्डेल सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया गया।
इसी तरह केरेगांव, अकलाडोंगरी, नगरी, सिहावा, दुगली, मेचका, बोराई और खल्लारी क्षेत्र में भी पुलिस ने ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, राहगीरों एवं वाहन चालकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। करेली बड़ी चौकी क्षेत्र में 300 से अधिक नागरिकों की मौजूदगी में वृहद चौपाल आयोजित की गई।
पुलिस ने बताए बचाव के जरूरी उपाय
धमतरी पुलिस ने लोगों से अपील की कि अज्ञात नंबर से आने वाले वीडियो कॉल या धमकी भरे कॉल से न डरें। लॉटरी, पार्ट-टाइम जॉब अथवा जल्दी पैसा कमाने का लालच देने वाले लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
पुलिस ने साइबर ठगी की आशंका या घटना होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने अथवा नजदीकी थाने में सूचना देने की अपील की है। साथ ही नागरिकों को ‘मैं जागरूक हूं, आप भी जागरूक बनें’ संदेश के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

