128 गांवों की हुंकार: FIR नहीं हुई तो नगरी SDOP कार्यालय घेरेंगे ग्रामीण
सितानदी-उदंती में जल-जंगल-जमीन की लड़ाई तेज, भारी बारिश के बीच खल्लारी में जुटे करीब 1000 ग्रामीण
नगरी। सितानदी-उदंती क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन अब और तेज होता दिख रहा है। भारी बारिश के बावजूद गुरुवार को ग्राम खल्लारी के बाजार चौक में 128 गांवों की महाबैठक हुई। संघर्ष समिति के अनुसार, रेनकोट और छतरियां लेकर करीब एक हजार ग्रामीण बैठक में पहुंचे और विस्थापन के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की।
राजापड़ाव, रिसगांव, बेलरबाहरा, ठेनही, बोराई, खल्लारी, ऊजरावन, करका, बहिगांव, उदंती और गहनासियार समेत विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने “न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी” का संकल्प दोहराया।
SP के नाम ज्ञापन, वन विभाग पर गंभीर आरोप
जल, जंगल, जमीन बचाव संघर्ष समिति सीतानदी-उदंती ने पुलिस अधीक्षक धमतरी के नाम ज्ञापन थाना प्रभारी खल्लारी को सौंपकर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। समिति ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों पर विस्थापन का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर कार्रवाई की धमकी दी गई।
समिति के मुताबिक, 9 सितंबर को ग्राम पंचायत करका में वन विभाग की टीम पहुंची थी, जहां विस्थापन को लेकर ग्रामीणों से कथित तौर पर विवाद हुआ। PESA ग्रामसभा का हवाला देने पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। वहीं 22 सितंबर को DFO के नेतृत्व में पहुंची टीम के एक कर्मचारी पर ग्रामीणों को “अनपढ़-गंवार” कहने का आरोप समिति ने लगाया है।
एक सप्ताह की मोहलत, फिर घेराव का ऐलान
ग्रामीणों ने अब पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। समिति का कहना है कि निर्धारित अवधि में एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो नगरी SDOP कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
बैठक में 128 गांवों के पटेल, गायता, पुजारी, जनप्रतिनिधि, संघर्ष समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रमुख रूप से मनोज साक्षी, सिरधन सोम, रेवा देवदास, माखन सलाम, धनेश मरकाम, संजय नेताम, हिम्मत सिंह नेताम, टीकम नागवंशी, लोकेश्वरी नेताम, अर्जुन नायक, ईश्वरी नेताम, गोपाल सोरी, बुधराम मांझी, पुरन मेश्राम, जगत कुंजाम, ऋषि ओटी, प्रभाष नाग, रोहन नेताम, सुभाष सोरी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।


