कमार जनजाति की संस्कृति और छत्तीसगढ़ी विरासत से रूबरू हुए द कंपटीशन अकैडमी नगरी के विद्यार्थी

0

 

कमार जनजाति की संस्कृति और छत्तीसगढ़ी विरासत से रूबरू हुए द कंपटीशन अकैडमी नगरी के विद्यार्थी

मसान डबरा में जनजातीय जीवनशैली को करीब से जाना, फरसिया के महामाया मंदिर में इतिहास और स्थापत्य कला की जानकारी ली


उत्तम साहू,नगरी। पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों को समाज, संस्कृति, इतिहास और अपनी विरासत से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने के उद्देश्य से द कंपटीशन अकैडमी नगरी द्वारा विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस ज्ञानवर्धक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों एवं अकैडमी स्टाफ ने धमतरी जिले के मसान डबरा पहुंचकर विशेष पिछड़ी जनजाति कमार जनजाति के जीवन, संस्कृति और परंपराओं को करीब से जाना। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने फरसिया स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के महामाया मंदिर का भी भ्रमण किया।


कमार जनजाति की जीवनशैली से हुए परिचित



मसान डबरा में विद्यार्थियों को कमार जनजाति की पारंपरिक जीवनशैली, आवास व्यवस्था, रहन-सहन, खान-पान, वेशभूषा, रीति-रिवाज और लोक परंपराओं की जानकारी प्राप्त हुई। विद्यार्थियों ने स्थानीय लोगों से संवाद कर जनजातीय समाज के जीवन और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का प्रयास किया।

इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराएं प्रदेश की पहचान और गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।


तीज-त्योहारों और लोक परंपराओं की भी मिली जानकारी



भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक तीज-त्योहारों और लोक परंपराओं के बारे में भी जानकारी हासिल की। ग्रामीण एवं जनजातीय जीवन में पर्व-त्योहारों की भूमिका तथा प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को समझते हुए विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान एवं रुचि की भावना और अधिक मजबूत हुई।


महामाया मंदिर में जाना इतिहास और स्थापत्य कला का महत्व




इसके पश्चात विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने फरसिया स्थित महामाया मंदिर का शैक्षणिक भ्रमण किया। यहां विद्यार्थियों ने मंदिर के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। मंदिर की स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विशेषताओं को करीब से देखकर विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और विरासत को समझने का अवसर मिला।

शैक्षणिक भ्रमण से बढ़ती है विद्यार्थियों की समझ


अकादमी की संचालक श्रीमती इंदु पटेल तथा स्टाफ सदस्य डायमंड साहू, ममता मौर्य और चेतना भट्ट ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को कक्षा और पुस्तकों की सीमाओं से बाहर निकालकर वास्तविक जीवन, समाज, संस्कृति और इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों में जिज्ञासा, निरीक्षण क्षमता, सामाजिक समझ और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।


विद्यार्थियों के लिए रहा ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव

द कंपटीशन अकैडमी नगरी द्वारा आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को कमार जनजाति की संस्कृति, छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं, पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक विरासत को नजदीक से जानने का अनूठा अवसर प्रदान किया। विद्यार्थियों ने इस यात्रा को ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव बताते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाने की इच्छा व्यक्त की।

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !