नदी पार कर अंतिम छोर के गांव पहुंचे सीईओ,नारद मांझी विकास कार्यों का लिया जायजा
वाहन जहां नहीं पहुंच सके, वहां पैदल पहुंचे नारद मांझी; प्रधानमंत्री आवास, स्कूल भवन और आंगनबाड़ी निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश
नगरी। आदिवासी विकासखंड नगरी के अंतिम छोर पर बसे दुर्गम गांवों में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने मुख्य कार्यपालन अधिकारी नारद मांझी स्वयं मौके पर पहुंचे। कई स्थानों पर वाहन से पहुंचना संभव नहीं होने पर उन्होंने पैदल चलकर नदी पार की और निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया।
सीईओ नारद मांझी ने 5 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत खल्लारी, रिसगांव, फरसगांव और करही का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास, बालिका शौचालय, प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष और आंगनबाड़ी भवनों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण क्षेत्र के कई गांवों तक पहुंचना आसान नहीं है। निरीक्षण के दौरान कुछ निर्माण स्थल ऐसे भी मिले, जहां सड़क या वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे स्थानों तक सीईओ पैदल पहुंचे और नदी पार कर निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति देखी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकानों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधूरे आवासों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं प्राथमिक शालाओं में निर्माणाधीन अतिरिक्त कक्ष और बालिका शौचालयों के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने कहा कि सभी भवन निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण बनाए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सीईओ नारद मांझी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए। अंतिम छोर के दुर्गम गांवों तक पहुंचकर किया गया उनका निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन शासन की योजनाओं और विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर विशेष जोर दे रहा है।



