फरसियां स्कूल में बाल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम
बाल विवाह, बाल श्रम और शोषण से बच्चों की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
उत्तम साहू
नगरी,फरसियां। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरसियां में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में बाल संरक्षण विषय पर व्याख्यानमाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न तथा ऑनलाइन अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की समन्वयक नीलम साहू ने कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम और बच्चों का यौन शोषण उनके अधिकारों का उल्लंघन है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना परिवार, समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
सुपरवाइजर गिरधारी साहू ने कहा कि बच्चे समाज और देश का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक व्यक्ति का प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को ‘अच्छे स्पर्श’ और ‘बुरे स्पर्श’ की जानकारी देने तथा किसी भी असहज स्थिति में बिना झिझक भरोसेमंद व्यक्ति को बताने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। साइबर बुलिंग, ऑनलाइन शोषण और अनुचित सामग्री से बचाव के लिए बच्चों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना आवश्यक है। अभिभावकों को भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर संवेदनशीलता के साथ नजर रखते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए मार्गदर्शन देना चाहिए।
विद्यालय के प्राचार्य नीरज सोन ने बाल संरक्षण के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को मारपीट, दुर्व्यवहार, यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न से सुरक्षा देना जरूरी है। बच्चों को मजदूरी के बजाय शिक्षा एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराना, बाल विवाह रोकना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना भी बाल संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म, लिंग, आर्थिक स्थिति या दिव्यांगता के आधार पर बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनाथ, बेसहारा, गुमशुदा अथवा संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना समाज की जिम्मेदारी है। बच्चों, अभिभावकों और समुदाय को बाल अधिकारों तथा संरक्षण के उपायों की जानकारी देकर ही भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता यशपाल सिंह साहू ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के व्याख्याता निरुपमा श्रीमाली, किरण श्रीमाली, लोमश कुमार पटेल, प्रेमलाल ध्रुव, अरविंद सोम, रेणु सोम, अंजना लाउत्रे, ऋषिकेश साहू, देवयानी सोम, मिलेंद्र कुमार ठाकुर, शिल्पा मानिकपुरी, पारुल बिसेन, गीतिका निषाद, आरती निषाद, देविका निर्मलकर, टिकेश साहू, त्रिलोक कपूर ध्रुव, प्रवीण कुमार कौशिल, भगवती ध्रुव, ललिता निषाद एवं भरत चनाप सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।



