मगरलोड में निर्यात प्रशिक्षण से खुलेंगे कारोबार के नए रास्ते, 100 से अधिक कृषक-उद्यमियों ने लिया प्रशिक्षण

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मगरलोड में निर्यात प्रशिक्षण से खुलेंगे कारोबार के नए रास्ते, 100 से अधिक कृषक-उद्यमियों ने लिया प्रशिक्षण

PMFME योजना के तहत 5 आवेदन किए गए, कृषि उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बनाने की दी गई जानकारी


उत्तम साहू 

मगरलोड, 23 अक्टूबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय कृषि उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जनपद पंचायत मगरलोड में निर्यात प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र धमतरी के तत्वावधान में CSIDC के अंतर्गत संचालित RAMP योजना तथा कृषि विकास सहकारी समिति के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक कृषक, युवा उद्यमी, महिला प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत मगरलोड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित बोरझा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.के. शांडिल्य तथा VB-G RAM G के पीओ भावेश नाथ योगी उपस्थित रहे। इस दौरान आशीष साहू सहित क्षेत्र के अनेक कृषक, युवा उद्यमी एवं महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर



जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित बोरझा ने प्रतिभागियों से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कृषक एवं युवा उद्यमी शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपने कृषि उत्पादों और व्यवसायों का विस्तार कर सकते हैं। नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों को आगे बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


निर्यात प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र धमतरी के डीआरपी एवं मास्टर ट्रेनर डॉ. संदीप मेश्राम ने प्रतिभागियों को निर्यात प्रक्रिया, अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्यवसाय विस्तार, उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और नवाचार की जानकारी दी। उन्होंने एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के बारे में भी बताया।

प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ शासन की औद्योगिक नीति, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं, अनुदान और सब्सिडी के प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही आयात-निर्यात कोड (IEC) पंजीयन की प्रक्रिया समझाई गई।


PMFME के तहत पांच आवेदन किए गए



कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत पांच आवेदन किए गए। इस पहल से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के इच्छुक कृषकों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहन मिला।

प्रशिक्षण में स्थानीय कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों को उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवसाय विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए व्यापक बाजार तैयार करना, कृषकों एवं युवा उद्यमियों को निर्यात के अवसरों से जोड़ना और जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देना रहा।

प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवसाय विस्तार, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और निर्यात की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर उद्योगों के विकास, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।

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