बस किराया वृद्धि पर भड़के प्रमोद कुंजाम, बोले—भाजपा सरकार ने आम यात्रियों का सफर किया महंगा
नगरी से धमतरी का किराया 80 से बढ़कर 120 रुपये और रायपुर का 180 से 250 रुपये होने का दावा, किराया वृद्धि वापस लेने की मांग
नगरी। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों पर अब बस किराया बढ़ने का बोझ पड़ने लगा है। प्रदेश सचिव आदिवासी कांग्रेस एवं जनपद सदस्य नगरी प्रमोद कुंजाम ने बस किराया वृद्धि को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, बिजली और खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों से पहले ही आम जनता परेशान है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन का सफर महंगा होने से मजदूरों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और इलाज के लिए आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
प्रमोद कुंजाम ने कहा कि आम आदमी की आय सीमित है, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। सरकार को जनता को राहत देने के उपाय करने चाहिए, लेकिन किराया वृद्धि से यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने इसे आम यात्रियों के हितों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए नई दरों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
नगरी से धमतरी और रायपुर का सफर हुआ महंगा
प्रमोद कुंजाम के अनुसार, नई किराया दरों से नगरी से धमतरी और रायपुर आने-जाने वाले यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नगरी से धमतरी का बस किराया पहले 80 रुपये था, जो बढ़कर 120 रुपये हो गया है। इसी तरह नगरी से रायपुर जाने के लिए पहले 180 रुपये देने पड़ते थे, जबकि अब 250 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि इन मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मजदूर, विद्यार्थी, कर्मचारी और मरीज यात्रा करते हैं। कई लोग रोजगार, पढ़ाई, सरकारी कामकाज और इलाज के लिए नियमित रूप से धमतरी एवं रायपुर जाते हैं। ऐसे में किराये में बढ़ोतरी उनके मासिक बजट को प्रभावित करेगी।
साधारण से सुपर लग्जरी बसों तक नई दरें
प्रमोद कुंजाम ने परिवहन विभाग की 8 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया कि नई दरों के तहत साधारण बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है। डीलक्स बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपये और इसके बाद 2.20 रुपये प्रति किलोमीटर, जबकि सुपर लग्जरी बसों में पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपये और उसके बाद 3.30 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय किए जाने की जानकारी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि रात्रिकालीन बस सेवाओं में 10 प्रतिशत अतिरिक्त किराया यात्रियों पर बोझ बढ़ाएगा।
किराया वृद्धि वापस लेने की मांग
प्रमोद कुंजाम ने राज्य सरकार से मांग की है कि बढ़ती महंगाई और आम यात्रियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बस किराया वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर लोगों के लिए किराया केवल यात्रा का खर्च नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा विषय है।
उन्होंने सरकार से नई किराया दरों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यात्रियों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि रोजाना सफर करने वाले गरीब, मजदूर, विद्यार्थी और कर्मचारी अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बच सकें।

