नगरी..SMC अध्यक्ष पर गंभीर आरोपों से गरमाया मामला, समिति के पुनर्गठन की मांग
शासकीय शिक्षक के अध्यक्ष बनने से लेकर बैठकों के कोरम और शिक्षकों से कथित दुर्व्यवहार तक उठे सवाल
उत्तम साहू, नगरी।
पीएमश्री शासकीय श्रृंगी ऋषि उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नगरी में शाला विकास एवं प्रबंधन समिति (SMC) की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। समिति के अध्यक्ष खिलेश्वर कुमार साहू की कार्यशैली को लेकर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए शिकायत एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। शिकायतकर्ताओं ने अध्यक्ष पर नियमों की अनदेखी, बैठकों में कथित तौर पर कोरम पूरा नहीं होने के बावजूद निर्णय लेने, कक्षाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप तथा शिक्षकों के साथ अमर्यादित व्यवहार के आरोप लगाए हैं।
अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया पर ही सवाल
शिकायत में दावा किया गया है कि सत्र 2026-27 के लिए SMC अध्यक्ष के चयन के दौरान दबाव की स्थिति में एक शासकीय शिक्षक को अध्यक्ष बनाया गया। शिकायतकर्ताओं ने खिलेश्वर कुमार साहू के शासकीय शिक्षक होने तथा अध्यक्ष पद के लिए उनकी पात्रता को लेकर सवाल उठाते हुए संबंधित नियमों के अनुसार जांच की मांग की है। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया की वैधानिकता स्पष्ट होना जरूरी है, क्योंकि समिति विद्यालय के महत्वपूर्ण प्रबंधन एवं विकास कार्यों से जुड़ी है।
तीन बैठकों के बाद भी कोरम पर विवाद
शिकायत के अनुसार SMC की अब तक आयोजित तीन बैठकों में निर्धारित सदस्यों की आवश्यक उपस्थिति एवं सहमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रही। आरोप है कि पर्याप्त गणपूर्ति के अभाव के बावजूद निर्णय लिए गए। शिकायतकर्ताओं ने ऐसी बैठकों में पारित प्रस्तावों की वैधता की जांच कर उन्हें निरस्त करने की अनुशंसा की है। साथ ही समिति के सदस्य नहीं होने वाले लोगों द्वारा बैठकों में हस्तक्षेप कर सदस्यों पर कथित दबाव बनाने की बात भी कही गई है।
कक्षाओं में फोटो-वीडियो बनाने पर भी आपत्ति
शिक्षकों की ओर से लगाए गए आरोपों में सबसे गंभीर मुद्दा कक्षा संचालन में कथित हस्तक्षेप का है। शिकायत में कहा गया है कि अध्ययन-अध्यापन के दौरान कक्षाओं में जाकर फोटो-वीडियो बनाए गए और विद्यार्थियों के सामने शिक्षकों से सवाल-जवाब किए गए। त्रैमासिक परीक्षा के दौरान भी शिक्षकों की उपस्थिति पंजी का फोटो लिए जाने का आरोप लगाया गया है। शिक्षकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने के साथ कर्मचारियों में असहजता की स्थिति बन रही है।
मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर भी खींचतान
मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर भी विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार विद्यालय की भोजन व्यवस्था को जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मान मिल चुका है, इसके बावजूद भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार आपत्तियां उठाई जा रही हैं। पनीर, लड्डू आदि खाद्य सामग्री को लेकर दबाव बनाए जाने तथा फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से विद्यालय की छवि प्रभावित करने के प्रयास के आरोप भी शिकायत में लगाए गए हैं।
समिति भंग कर नए सिरे से गठन की मांग
इन आरोपों के बीच शाला विकास समिति (प्राथमिक शाला) के अध्यक्ष गुलाम राम मोनावानी सहित विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने मामले में उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने विद्यालय में कथित प्रशासनिक एवं वित्तीय हस्तक्षेप पर रोक लगाने तथा संस्था के हित में SMC का तत्काल पुनर्गठन किए जाने की मांग रखी है।
शिक्षकों ने यह भी कहा है कि विद्यालय में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि विवाद का जल्द समाधान नहीं हुआ और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए तो इसका असर विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों पर पड़ सकता है।
अब निगाहें शिक्षा विभाग की जांच और उसके आधिकारिक रुख पर टिकी हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है, इसलिए मामले में विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

