प्राचार्य को हटाने की मांग लेकर ग्रामसभा पहुंचे विद्यार्थी, घुरावड़ स्कूल में शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
समय पर स्कूल नहीं पहुंचने और नशे में आने के आरोपों से घिरे प्राचार्य, वर्षों से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर छात्र-छात्राओं में आक्रोश
नगरी,धमतरी। शिक्षा के मंदिर में अनुशासन और जिम्मेदारी की उम्मीद लेकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को यदि अपने ही प्राचार्य के खिलाफ ग्रामसभा में गुहार लगानी पड़े, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है। धमतरी जिले के ग्राम घुरावड़ स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ग्रामसभा में पहुंचे और प्राचार्य को पद से हटाने की मांग उठाई।
विद्यार्थियों ने प्राचार्य पर नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंचने, समय पर विद्यालय नहीं आने और शराब के नशे में स्कूल आने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि इस संबंध में कई वर्षों से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्कूल परिसर में शराब पीने के वीडियो का दावा
छात्र-छात्राओं ने स्कूल परिसर में शराब पीने से जुड़े वीडियो सामने आने का भी दावा किया है। वहीं, प्राचार्य के पुत्र द्वारा फोन पर धमकी दिए जाने का आरोप भी विद्यार्थियों ने लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग उठ रही है।
विद्यालय के शाला नायक ने भी प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके नियमित रूप से स्कूल नहीं आने की बात कही। विद्यार्थियों का कहना है कि प्राचार्य की कथित अनियमितता का असर पढ़ाई और विद्यालय के अनुशासन पर पड़ रहा है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
ग्राम पंचायत के सरपंच महेश नेताम ने बताया कि पूर्व में भी प्राचार्य के खिलाफ शिकायत आवेदन के माध्यम से कलेक्टर एवं संबंधित उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों और विद्यार्थियों में असंतोष है।
जनपद सदस्य मौसमी मंडावी सहित ग्रामीणों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों की शिकायतों पर उचित कार्रवाई की मांग की। ग्रामसभा अध्यक्ष मंगल नेताम ने भी मामले को गंभीर बताते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर उचित पहल करने की बात कही।
विद्यार्थियों की दो टूक—अब अपने भविष्य के लिए करेंगे आंदोलन
ग्रामसभा में पहुंचे छात्र-छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि अब वे केवल शिकायत करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार के लिए आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, तो अब तक जांच और कार्रवाई की स्थिति क्या रही? क्या विभाग विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच करेगा? और क्या घुरावड़ के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा?
अब ग्रामीणों और विद्यार्थियों की निगाहें शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

