ब्रम्हाकुमारीज नगरी में आजादी के महापर्व को उत्साह पूर्वक मनाया गया

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ब्रम्हाकुमारीज नगरी में आजादी के महापर्व को उत्साह पूर्वक मनाया गया 

उत्तम साहू 

नगरी/ जश्न ए आजादी के महापर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के 77 वां वर्षगांठ पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राजऋषि भवन नगरी में आजादी का पर्व उत्साह पूर्वक मनाया गया। उक्त कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर से आए हुए सीमा पर तैनात सैनिक श्री मोहन नेताम एवं श्रीमती ललिता साहू पार्षद के आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के सुबह पाली में संस्था के प्रांगण में ध्वजारोहण किया गया उक्त अवसर पर संस्था के सभी भाई बहनों सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। 

साथ ही नगर के गलियों चौक चौराहों से होते हुए भाई बहनों द्वारा देशभक्ति के गीत व नारे लगाते हुए विशाल रैली निकाली गई। शाम 4:00 बजे देशभक्ति से ओतप्रोत गीत, संगीत, कविता, भाषण, प्रहसन तथा नृत्य साथ ही विभिन्न खेलों का सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत परमसत्ता की स्मृति में दीप प्रज्वलन कर किया गया। साथ ही अतिथियों का स्वागत एवं ईश्वरीय सौगात भेंट किया गया। बच्चों के द्वारा अपनी प्रतिभाओं की छटा बिखेर कर कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया गया। अलग-अलग स्कूलों से आए बच्चों ने विभिन्न वेशभूषा से सुसज्जित देशभक्ति गीत पर एकल व सामूहिक मनमोहन नृत्य प्रस्तुत किये कुछ बच्चों ने देश भक्ति पर शहीद वीर जवानों को याद करते हुए भाषण की प्रस्तुति दी। देश के अमर शहीदों पर कविताएं कही गई। बी. यदु बहन के द्वारा सावित्रीबाई फुले का अभिनय कर बालिका शिक्षा पर संदेश दिया गया। 

साथ ही मनोरंजक पासिंग गेम का आयोजन हुआ जिसमें देशभक्ति से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए और सभी ने उत्साह पूर्वक उसके उत्तर दिए। संस्था के भाई बहनों ने देश के सपूतों को याद करके अपने-अपने विचार व्यक्त किये तत्पश्चात संस्था के ब्रह्माकुमार पितांबर भाई ने देश के शहीदों की याद में सुमधुर गीत गाकर माहौल को देशभक्ति से भर दिया। तत्पश्चात श्री मोहन नेताम जी ने अपने शब्दों में कहा वीर सपूतों के शहादत के फलस्वरूप ही हमें आजादी मिली है उन्होंने कहा कि हमें बड़ी खुशी होती है कि आजादी के इस पर्व को बच्चों से लेकर बड़ों तक बड़ी धूमधाम से मनाते हैं और हमें गर्व महसूस होता है कि हम सैनिकों को इतना मान और सम्मान देते हैं और हमारी कुर्बानियों को याद करते हैं। 

तत्पश्चात राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने सभा को संबोधित करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की असीम शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने कहा आज हम एक ही घर में आपस में लड़ रहे हैं यदि लड़ना ही है तो उन वीर जवानों को देखो जिन्होंने भारत माता की आन बान और शान की रक्षा के लिए ना घर देखा ना परिवार देखा सब कुछ छोड़कर वतन के लिए अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिये यदि हम सचमुच लड़ना चाहते हैं तो देश की सीमाओं पर जाकर लड़े जहां पर सैनिक लड़ते हैं जिसके फलस्वरुप हम अमन व चैन से रहते हैं उनकी कुर्बानी तभी सार्थक होगी जब हम यहां पर प्रेम, एकता, शांति ला सकें परंतु आज लोगों के दिलों में जाति, धर्म, असमानता का बंधन व्याप्त है लोग आज भी काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार के बंधन में बंधे हुए हैं जब तक हम इन विकारों रूपी बुराइयों से अपने आप को स्वतंत्र नहीं कर लेते तब तक हमें सच्ची आजादी नहीं मिल सकती। देश को तो आजादी मिल गई लेकिन हम अपने आप को बुराइयों से मुक्त नहीं कर पाए हैं जब हम इन विकारों से मुक्त होंगे तभी एक स्वर्णिम व सात्विक पवित्र भारत का निर्माण होगा सबके दिलों में वसुदेव कुटुंबकम की भावना जागृत होगी उन्होंने कहा परमपिता शिव परमात्मा स्वयं इस धरा पर आकर हमें एकता, प्रेम, शांति, पवित्रता का पाठ पढ़ा रहे हैं तो हम उन गुणों को धारण करके इन विकारों एवं बुराइयों पर जीत प्राप्त कर इस भारत को स्वर्ग बना सकते हैं परमात्मा के दिखाएं मार्ग पर चलकर हम सभी विकारों से मुक्त हो पाएंगे उन्होंने आगे कहा कि इस धरा पर हमें सुख, शांति, पवित्रता लानी ही होगी एक स्वर्णिम भारत के निर्माण में हम सब को अपना अमूल्य योगदान देना होगा अंत में सभी का आभार जताते हुए पुनः आजादी की सभी को हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन निशा बहन ने किया।

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