स्कूल से चोरी हो गया शासकीय दस्तावेज.. प्रधानपाठक की बड़ी लापरवाही से छात्रों का भविष्य अधर में

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  स्कूल से चोरी हो गया शासकीय दस्तावेज.. प्रधानपाठक की बड़ी लापरवाही से छात्रों का भविष्य अधर में

मामला मगरलोड के करेली बड़ी का..छात्रा ने अंकसूची के लिए लगाई जिला प्रशासन से गुहार


उत्तम साहू 

मगरलोड/ धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड शिक्षा विभाग में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है।यहां कोई छोटी-मोटी लापरवाही नहीं इस लापरवाही से कई विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में है। जिस विद्या के मंदिर में विद्यार्थी अपना भविष्य गढ़ने जाते हैं उस विद्या के मंदिर से विद्यार्थियों के भविष्य का रिकॉर्ड गायब हो जाना स्कूल प्रबंधन का गंभीर लापरवाही उजागर हो गया है। 



पूरा मगरलोड विकासखंड के अंतर्गत माध्यमिक शाला करेली का है। वर्ष 2011-12 में पढ़ाई करने वाली छात्रा मेनका सिन्हा पिता सुशील सिन्हा ने कलेक्टर जनदर्शन सुशासन तिहार एवं DEO में आवेदन लगाई हैं, मेनका सिन्हा का कहना है कि वह वर्ष 2011-12 में शासकीय माध्यमिक शाला करेली बड़ी विकासखंड मगरलोड जिला धमतरी कक्षा आठवीं में अध्यनरत थी।वर्तमान में आंगनबाड़ी सहायिका पद भर्ती हेतु अभ्यर्थी हैं।जिसमें कक्षा आठवीं की अंकसूची में प्रतिशत का उल्लेख चाही गई है,क्योंकि सत्र 2011-12 में प्रगति पत्रक में केवल ग्रेट ही अंकित है और वर्तमान आंगनबाड़ी सहायिका पद भर्ती हेतु अंकसूची में प्राप्तांक का प्रतिशत उल्लेख होना मांगा गया है।आवेदिका मेनका सिन्हा का कहना है कि जब वहां अपना अंकसूची प्राप्तांक में बनवाने माध्यमिक शाला करेली बड़ी गई तो शाला के प्रधान पाठक दानीराम साहू ने उक्त सत्र का दस्तावेज से शाला चोरी होना बताया।शासकीय माध्यमिक शाला करेली बड़ी के प्रधान पाठक दानी राम साहू ने आवेदिका को बताया कि इस चोरी का शिकायत 02/10/2018 को करेली बड़ी चौकी में दर्ज कराया गया है।जब इस मामले को गंभीरता से हमने जानने का प्रयास किया और थाना का उक्त सन की F I R खंगाले तो हमें पता चला है कि प्रधान पाठक ने चोरी की शिकायत करेली बड़ी में कराए हैं उस F I R की कॉपी में कोई जगह दस्तावेज चोरी होने का उल्लेख नहीं है,सिर्फ 5 कट्ठा मध्यान भोजन का चावल, एक नग झूला रिम पाइप, झूला पाइप का चोरी होना उल्लेख है। यह मामला सिर्फ 1‌ एक मेनका सिन्हा के भविष्य का नहीं है बल्कि उक्त सत्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों की भविष्य का सवाल है। मेनका सिन्हा के भविष्य से जुड़े सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।


     प्रधानपाठक के कार्यशैली पर उठता सवाल


 जब माध्यमिक शाला करेली बड़ी में चोरी हुआ तो एफआईआर में चोरी हुए दस्तावेज का उल्लेख क्यों नहीं किया गया? क्या शासकीय दस्तावेज को अपना निजी मामला समझा गया ?जिस दस्तावेज में मेनका सिन्हा जैसे अनेकों विद्यार्थियों का भविष्य है? क्या दस्तावेज को कबाड़ में बेच दिया गया? या फिर आग के हवाले कर दिया गया?

आवेदिका मेनका सिन्हा ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके भविष्य को अंधकार में डालने वाले दोषी प्रधान पाठक के ऊपर निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मांग की है।

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