नगरी..वन काष्ठागार (डिपो) की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल- जांच नाका भगवान भरोसे
गेट से लोग खुलेआम ले जाते हैं लकड़ी, सीसीटीवी भी बंद
पत्रकार उत्तम साहू
नगरी। छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग द्वारा संचालित वन काष्ठागार डिपो नगरी की सुरक्षा व्यवस्थाओं में भारी लापरवाही उजागर हो रही है। यह वही स्थान है जहां विभिन्न किस्म की इमारती लकड़ी एकत्र की जाती है और समय-समय पर नीलामी की प्रक्रिया भी होती है।
मिली जानकारी के अनुसार, डिपो के मुख्य द्वार पर जांच नाका और काष्ठागार भवन बने तो हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कर्मचारी अक्सर नदारद रहते हैं। कई बार जांच कक्ष बंद रहता है और वहां नियमित ड्यूटी पर तैनात स्टाफ दिखाई नहीं देता।
इतना ही नहीं, डिपो परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी लंबे समय से बंद पड़े हुए हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते लकड़ी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो डिपो की पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ सकती हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप कर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
इस संबंध में जब वन काष्ठागार परिक्षेत्र अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि “स्टाफ की कमी के कारण यहां हमेशा कर्मचारी मौजूद नहीं रह पाते हैं। साथ ही, मेरे कार्यभार संभालने से पहले से ही सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं।


