सिहावा के शासकीय स्कूल में समस्याओं का अंबार, प्रशासनिक उपेक्षा से छात्रों की शिक्षा प्रभावित

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सिहावा के शासकीय माध्यमिक शाला में समस्याओं का अंबार, प्रशासनिक उपेक्षा से छात्रों की शिक्षा प्रभावित


                   

पत्रकार उत्तम साहू 12.9.2025

नगरी। शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला सिहावा आज भी अनेक गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। लंबे समय से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बावजूद आज तक इनका समाधान नहीं हो पाया है।

स्कूल भवन जर्जर अवस्था में है, बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। यहां करीब 150 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बालिका शौचालय अत्यधिक जर्जर होने से छात्राओं को लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है। वहीं बालक शौचालय पर अतिक्रमण हो चुका है। 2 वर्ष पूर्व नवीन भवन हेतु राशि स्वीकृत हुई थी, परंतु सरकार बदलने के बाद वह राशि लेप्स होकर ठंडे बस्ते में चली गई।

माध्यमिक शाला का चपरासी पिछले दो माह से लापता है। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।


अहाता नहीं होने से, जानवरों और असामाजिक तत्वों का खतरा

ऋंगी ऋषि पहाड़ी के नीचे स्थित इस विद्यालय परिसर में अहाता नहीं होने से अक्सर जंगली जानवर जैसे भालू और तेंदुआ घूमते देखे जाते हैं। मवेशियों का जमावड़ा आम बात है। इसके अलावा असामाजिक तत्व स्कूल परिसर में शराब सेवन और नशे में झूमते नजर आते हैं। अहाता न होने के कारण स्कूल की भूमि भी अतिक्रमण का शिकार हो चुकी है।

           प्राथमिक शाला भी जर्जर

प्राथमिक शाला थाना पारा सिहावा का भवन 1967 में बना था, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। मजबूरी वश इसका संचालन माध्यमिक शाला के अतिरिक्त भवन से किया जा रहा है। शाला परिसर समतल न होने के कारण बच्चों को खेलने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिलता, जिससे उनके शारीरिक विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है।

          अधिकारी का क्या कहना है

इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कलीराम साहू ने बताया कि “जर्जर भवन और अहाता निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अतिक्रमण के मामले की जानकारी मुझे अभी तक नहीं थी, लेकिन अब इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई की जाएगी।”


👉 छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।




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