दल से बिछड़ा हाथी बना मौत का कारण..दादी की जान गई, पोती गंभीर, दहशत में पूरा गांव
जशपुर। जंगल से आया हाथी बुधवार की सुबह केनाडांड गांव में मातम छोड़ गया। खेत-खलिहानों में दिखने वाले इन दैत्याकार जीवों का आंतक अब गांवों की चौपालों तक पहुंच गया है। कांसाबेल वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहे 27 हाथियों के दल से एक हाथी अलग होकर गांव में घुस आया और उसने एक बुजुर्ग महिला व उसकी मासूम पोती पर हमला कर दिया।
हमले में 57 वर्षीय देरोठिया बाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 वर्षीय पोती आरवी पन्ना गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका पैर टूट गया है। घायल बच्ची को इलाज के लिए पत्थलगांव सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव के लोगों के अनुसार, सुबह के वक्त देरोठिया बाई अपने घर के पीछे बाड़ी में कुछ देखने गई थीं। तभी झाड़ियों के बीच छिपा हाथी अचानक सामने आ गया। महिला कुछ समझ पाती, इससे पहले ही हाथी ने उन पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मृतका के परिवार को 25 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि विभाग हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर रखे हुए है। आसपास के इलाकों में रात गश्त बढ़ाई गई है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
गांव के लोग अब भी दहशत में हैं — खेतों में काम बंद कर दिया गया है और कई परिवार रातें घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां बिता रहे हैं। जंगल की खामोशी अब गांवों तक डर की तरह फैल रही है।

