दिल्ली धमाका: लाल किले से उठा धुआं, पूरे देश में पसरा मातम..गांव-गांव में बुझ गए कई घरों के चिराग
नई दिल्ली/ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला इलाके में सोमवार शाम हुआ धमाका अब सिर्फ राजधानी की घटना नहीं रही, बल्कि देशभर के कई परिवारों का दर्द बन चुकी है। एक पल में सबकुछ खत्म हो गया — सपने, उम्मीदें, और घरों की रोशनी। जो मजदूर, ड्राइवर, और छोटे कामगार रोजमर्रा की ज़िंदगी के संघर्ष में जुटे थे, वे अब मौत की खबर बनकर लौटे हैं।
श्रावस्ती के दिनेश मिश्रा: तीन बच्चों के सपनों के साथ बुझ गया जीवन
श्रावस्ती के गणेशपुर गांव के 32 वर्षीय दिनेश मिश्रा दिल्ली के चावड़ी बाजार की एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे। कुछ ही दिन पहले दिवाली मनाने घर आए थे। पिता की आंखें नम हैं — “वो बच्चों की पढ़ाई का सपना देखता था, अब सब खत्म हो गया।”
मेरठ के मोहसिन: मौत के बाद भी न मिला सुकून
मेरठ के मोहसिन ई-रिक्शा चलाकर घर का खर्च चलाते थे। हादसे में मौत के बाद जब शव पहुंचा, तो घर में मातम के साथ विवाद भी छिड़ गया। पत्नी सुल्ताना और परिवारवालों में अंतिम संस्कार को लेकर कहासुनी हुई। पुलिस की मौजूदगी में अंत्येष्टि पूरी कराई गई।
शामली का नौमान: अधूरी रह गई 18 साल की जिंदगी
कॉस्मेटिक का सामान लेने दिल्ली आए नौमान अंसारी अब कभी घर नहीं लौटेंगे। उनके साथ आए छोटे भाई अमन घायल हैं, जो लोकनायक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। गांव में सन्नाटा पसरा है — मां अब भी दरवाजे की ओर देखती हैं, जैसे बेटे की वापसी की उम्मीद बाकी हो।
देवरिया के शिवा जयसवाल: मौत को छूकर लौटे
देवरिया के 22 वर्षीय शिवा जयसवाल दिवाली से पहले नया माल खरीदने दिल्ली पहुंचे थे। धमाके की चपेट में आए, लेकिन किसी चमत्कार से बच गए। उनकी मां ने रोते हुए कहा — “भगवान ने बेटा वापस दे दिया, वरना हम भी खत्म हो जाते।”
अमरोहा के अशोक और बिहार के पंकज: ड्यूटी पर निकले, लौटे कफन में
अमरोहा के डीटीसी कंडक्टर अशोक कुमार और बिहार के टैक्सी ड्राइवर पंकज साहनी भी इस दर्दनाक हादसे में जान गंवा बैठे। पंकज की टैक्सी पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिली। परिवार अब भी यह मानने को तैयार नहीं कि घर का कमाने वाला नहीं रहा।
जांच एनआईए के हाथों, 10 की मौत की पुष्टि
धमाके में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। एनआईए ने जांच अपने हाथों में ले ली है। पुलिस ने मामला UAPA और विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज कर लिया है। दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
एक हादसा — कई कहानियां, और हर कहानी में एक घर का उजड़ना।
लाल किले के आसपास का इलाका भले अब शांत दिख रहा हो, लेकिन उन परिवारों की खामोशी में दर्द की गूंज अब भी सुनाई दे रही है।

