नक्शा पास कराने की कीमत तय थी रिश्वत, ACB के जाल में फंसे CMO और बाबू
बिलासपुर। नगर पंचायत में बैठे जिम्मेदारों ने जब मकान का नक्शा पास करने के बदले अवैध रकम की शर्त रखी, तो फरियादी ने सीधा रास्ता चुना—एंटी करप्शन ब्यूरो। नतीजा यह हुआ कि बोदरी नगर पंचायत की CMO भारती साहू और कार्यालय के बाबू सुरेश सीहोरे को ACB ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा।
जानकारी के मुताबिक सरकंडा निवासी वेदराम निर्मलकर ने ACB बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि बोदरी स्थित उनकी जमीन पर मकान निर्माण के लिए प्रस्तुत नक्शे को स्वीकृति देने के एवज में बाबू सुरेश सीहोरे ने वैधानिक शुल्क के अलावा मोटी रिश्वत की मांग की। पहले 15 हजार रुपये तय किए गए, बाद में मोलभाव कर रकम 12 हजार रुपये पर आकर रुकी।
ACB ने शिकायत का सत्यापन कराया, बातचीत रिकॉर्ड की और पूरे मामले की पुष्टि होने के बाद जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही प्रार्थी ने नगर पंचायत कार्यालय में रिश्वत की रकम सौंपी, बाबू सुरेश सीहोरे ने पैसे स्वीकार किए। इसी पल ACB की टीम ने दबिश देकर बाबू के साथ-साथ CMO भारती साहू को भी मौके पर ही पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से नगर पंचायत कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई एक बार फिर साफ संकेत देती है कि रिश्वतखोरी चाहे किसी पद पर हो, कानून से बच नहीं सकती।

