धमतरी में अनूठी पहल: जब बारात में पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार हुए शामिल
दिव्यांग दंपतियों के सामूहिक विवाह में गूंजा नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा का संकल्प
उत्तम साहू
धमतरी में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहाँ विवाह की खुशियाँ सामाजिक चेतना के संदेश से जुड़ गईं। तीन दिव्यांग दूल्हा-दुल्हनों के सामूहिक विवाह समारोह में परंपरागत बारात के साथ-साथ नशामुक्ति और हेलमेट जागरूकता की अनोखी मिसाल पेश की गई।
इस अवसर पर धमतरी पुलिस की यातायात शाखा द्वारा विशेष “जागरूकता बारात” निकाली गई, जिसमें ढोल-नगाड़ों के साथ जीवन सुरक्षा और नशा त्याग का संदेश आमजन तक पहुँचाया गया। बारात केवल उत्सव का प्रतीक नहीं रही, बल्कि यह समाज को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन अपनाने का आह्वान बन गई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे मजबूत साधन है। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए समाज और परिवार को इससे होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया।
इस विशेष आयोजन में पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार स्वयं बारात में शामिल हुए और नवविवाहित दिव्यांग दंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने प्रतीक स्वरूप तीनों दूल्हा-दुल्हनों को हेलमेट भेंट करते हुए सुरक्षित जीवन की शुभकामनाएँ दीं।
एसपी श्री परिहार ने कहा
“हेलमेट कोई औपचारिक नियम नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा करने वाला सुरक्षा कवच है। जब हम सुरक्षित रहेंगे, तभी अपने परिवार और समाज के प्रति अपने दायित्व निभा पाएँगे।”
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मणिशंकर चंद्रा, सीएसपी श्री अभिषेक चतुर्वेदी, यातायात प्रभारी श्री के.आर. साहू सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। सभी ने नशामुक्त समाज और ट्रैफिक नियमों के पालन का संदेश दिया।
एग्जैक्ट फाउंडेशन, रुद्री द्वारा आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में धमतरी पुलिस की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, जागरूकता और सकारात्मक बदलाव की भी सशक्त वाहक है।
यह आयोजन धमतरी के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन गया—जहाँ विवाह ने सिर्फ दो जीवन नहीं जोड़े, बल्कि पूरे समाज को सुरक्षित और जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।


