प्राथमिक शाला कोहिनपारा में लापरवाही उजागर — मध्याह्न भोजन के बाद मासूमों से बर्तन धुलवाए गए, प्रशासन गंभीर
उत्तम साहू
नगरी। विकासखंड नगरी के आश्रित गांव कोहिनपारा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राथमिक शाला गेदरा (कोहिनपारा) में मध्याह्न भोजन ग्रहण करने के बाद 6 से 9 वर्ष आयु के छोटे–छोटे बच्चे खुद अपने बर्तन धोते नजर आए। इतना ही नहीं, कुछ बच्चे तो पीछे जमा बर्तनों को जोर–शोर से साफ करते हुए दिखे।
बताया जा रहा है कि विद्यालय की रसोइया भोजन बनाने के बाद किसी मीटिंग में चली गई, जिसके बाद बच्चों ने भोजन किया और फिर स्वयं ही सफाई में लग गए। यह नजारा न केवल नियमों का सीधा उल्लंघन है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जब बच्चों से पूछा तो उन्होंने बताया कि “रसोइया ने ही बर्तन धोने को कहा था।” इतनी कम उम्र के बच्चों को इस प्रकार के श्रम के लिए कहना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
जब विद्यालय के संस्था प्रमुख से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने स्वयं को जिम्मेदारी से अलग करते हुए कहा, “बच्चों से बर्तन धुलवाने का निर्देश मैंने नहीं दिया, वे स्वयं ऐसा करते होंगे।” उनकी यह सफाई और भी अधिक चिंताजनक है, क्योंकि इससे स्पष्ट होता है कि विद्यालय परिसर में बच्चों पर निगरानी तक नहीं रखी जा रही है।
यह पूरा प्रकरण शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत और विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करता है। छोटे बच्चों से श्रम करवाना न केवल अवैध है बल्कि नैतिक रूप से भी अत्यंत अनुचित है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कहा कि “यह पूरी तरह नियम विरुद्ध है। मामले की जांच कर जिम्मेदार शिक्षकों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या वास्तव में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू हो पाएगी।

