उड़ीसा से छत्तीसगढ़ आ रहा था दो ट्रक धान, नगरी-बोराई रोड पर SDM की टीम ने रोका
उत्तम साहू
नगरी। उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर लाया जा रहा धान से भरे दो ट्रक सोमवार शाम नगरी–बोराई मार्ग पर संदेह के आधार पर पकड़ लिए गए। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) प्रीति दुर्गम के निर्देश पर राजस्व अमले ने दोनों वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच शुरू की। हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़–उड़ीसा सीमा पर अवैध धान परिवहन के मामलों में वृद्धि के चलते प्रदेश सरकार ने विशेष निगरानी अभियान चला रखा है।
कार्रवाई के दौरान ट्रक क्रमांक CG 19 BD 9787 में 139.50 क्विंटल (310 कट्टा) और ट्रक क्रमांक CG 05 AA 3051 में 135.10 क्विंटल (330 कट्टा) धान लोड पाया गया। दोनों वाहनों को नगरी मंडी परिसर के सामने खड़ा कर दिया गया है, जहां राजस्व और मंडी अमला संयुक्त रूप से जांच कर रहा है कि धान वास्तव में किस किसान से खरीदा गया और खरीद प्रक्रिया नियमानुसार है या नहीं। प्रदेश में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए सीमा जिलों में कई चेकपोस्ट और टास्क फोर्स गठित की गई हैं, जो हर संदिग्ध वाहन की निगरानी कर रही हैं।
प्राथमिक जांच में ट्रकों के पास कृषि उपज मंडी नगरी से जारी अनुज्ञा पत्र पाए गए, जिनमें व्यापारी मोहनलाल सोहनलाल बिरगुड़ी का नाम दर्ज है और धान को विजय राइस मिल, धमतरी भेजे जाने का उल्लेख है। अब टीम यह सत्यापित कर रही है कि अनुज्ञा पर दर्ज किसान वाकई स्थानीय हैं या सीमा क्षेत्र में उड़ीसा से लाया गया धान यहां डंप कर कागज स्थानीय किसानों के नाम पर तैयार किए गए हैं। धान खरीदी नियमों के मुताबिक वैध खरीद के लिए किसान का आधार कार्ड व अन्य विवरण अनिवार्य हैं, इसलिए दस्तावेज़ों का मिलान अहम माना जा रहा है।
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होते ही सीमावर्ती गांवों में उड़ीसा का धान बड़े पैमाने पर खपाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं। कथित तौर पर कुछ दलाल उड़ीसा से सस्ता धान मंगवाकर छत्तीसगढ़ की मंडियों से अनुज्ञा कटवाते हैं और फिर इसे बड़े राइस मिलों तक पहुँचा देते हैं, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है बल्कि स्थानीय किसानों की खरीदी भी प्रभावित होती है। पिछले सीजन में भी कई जिलों में अवैध धान जब्ती के सैकड़ों प्रकरण दर्ज हुए थे, जिस पर विधानसभा में सवाल उठ चुके हैं।
एसडीएम प्रीति दुर्गम ने बताया कि उड़ीसा से धान लाए जाने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रकों को रोका गया है और व्यापारी द्वारा प्रस्तुत अनुज्ञा पत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है। उनका कहना है कि प्रारंभिक कागजातों के आधार पर धान को नगरी ब्लॉक के बोराई क्षेत्र का बताया गया है, किंतु किसानों की पहचान और खरीदी की वैधता की पुष्टि होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर अवैधता सिद्ध होने पर नियमानुसार धान जब्ती, जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

