सीजीपीएससी घोटाला: टामन सोनवानी समेत 13 आरोपियों के खिलाफ 400 पन्नों का चालान पेश
रायपुर/ 3 जनवरी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को सीबीआई ने पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी समेत 13 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में 400 पन्नों का चालान (चार्जशीट) पेश किया।
मुख्य बिंदु:
आरोपियों की स्थिति: वर्तमान में इस मामले में शामिल 12 आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि उत्कर्ष चंद्राकर नाम का एक आरोपी अभी भी फरार है। फरार आरोपी पर परीक्षा में गड़बड़ी करने का मुख्य आरोप है।
प्रमुख नाम: चार्जशीट में तत्कालीन चेयरमैन तामन सिंह सोनवानी, आरती वासनिक के अलावा उद्योगपति बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार का नाम शामिल है।
क्या है पूरा मामला..?
प्रकरण के अनुसार, साल 2021 में 171 पदों पर भर्ती के लिए सीजीपीएससी द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी।
13 फरवरी 2022: प्री एग्जाम आयोजित किया गया, जिसमें 2,565 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए।
मई 2023: मेन्स और इंटरव्यू के बाद 170 अभ्यर्थियों की फाइनल सिलेक्शन लिस्ट जारी की गई।
भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप:
आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने पांच रिश्तेदारों का चयन ऊंचे पदों पर करवाया, जिनमें शामिल हैं:
नीतेश (बेटा): डिप्टी कलेक्टर
निशा कोसले (बहू): डिप्टी कलेक्टर
दीपा अगजले (भाई की बहू): जिला आबकारी अधिकारी
सुनीता जोशी (बहन की बेटी): श्रम अधिकारी
साहिल सोनवानी (बड़े भाई का बेटा): डीएसपी
इसके अलावा, उद्योगपति श्रवण गोयल के पुत्र शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार का चयन भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ था।
जांच का घटनाक्रम:
चयनित सूची में प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के परिजनों के नाम आने के बाद भारी विवाद हुआ और कोर्ट में याचिका दायर की गई। राज्य शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी। जांच में पाया गया कि चयनित उम्मीदवारों में पीएससी चेयरमैन के अलावा उद्योगपतियों और कांग्रेस नेताओं के करीबी लोग शामिल थे।

