केंद्रीय बजट 2026: टियर-2 व टियर-3 शहरों पर फोकस, 12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय, 3 नए आयुर्वेदिक अस्पतालों की घोषणा
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अपना रिकॉर्ड 9वां केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बजट भाषण में उन्होंने वैश्विक टैरिफ वॉर, सप्लाई चेन में बाधाओं और बदलती उत्पादन प्रणालियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत महत्वाकांक्षा और समावेशिता के संतुलन के साथ विकसित भारत की ओर आगे बढ़ेगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार का विशेष फोकस 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर रहेगा। इसके तहत वर्ष 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
7 हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर और मेगा टेक्सटाइल पार्क बजट में देश को 7 हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर की सौगात दी गई है। साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
आयुर्वेद को बढ़ावा, एम्स जैसे 3 नए अस्पताल स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुर्वेद पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने एम्स की तर्ज पर 3 नए आयुर्वेदिक हॉस्पिटल बनाने की घोषणा की। इसके अलावा पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने और सब्सिडी देने का भी ऐलान किया गया।
बायो-फार्मा शक्ति योजना और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 भारत को वैश्विक बायो-फार्मा हब बनाने के लिए ‘बायो फार्मा शक्ति योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च कर इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और स्किल्ड वर्कफोर्स पर फोकस किया जाएगा।
एसएमई और एमएसएमई को बड़ा सहारा लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एसएमई विकास निधि की घोषणा की गई है। आत्मनिर्भर भारत कोष में 2,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त डाले जाएंगे। एमएसएमई के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंड उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
PROI निवेश नियम आसान विदेश में रहने वाले भारतीय (PROI) अब पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत भारतीय सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश कर सकेंगे। निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10% करने का प्रस्ताव है।
कार्बन कैप्चर के लिए 20,000 करोड़ जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) तकनीक पर अगले 5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, उद्योग, हरित तकनीक और शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए समावेशी और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने का प्रयास किया गया है।

