छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल! धोखाधड़ी के आरोप में विधायक गिरफ्तार 42 लाख की ठगी ने खोली सत्ता की परतें
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ऐसा भूचाल आया है जिसने सत्ता के गलियारों तक हिला दिए हैं। जैजैपुर से विधायक बालेश्वर साहू अब जनता की अदालत नहीं, बल्कि जेल की सलाखों के पीछे हैं। 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए विधायक को 22 जनवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जिस चेहरे को जनता ने विधानसभा तक पहुंचाया, वही चेहरा अब धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोपों में घिर चुका है। थाना चाम्पा क्षेत्र में दर्ज इस मामले ने सत्ता और भरोसे के रिश्ते पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
शिकायतकर्ता राम कुमार शर्मा ने आरोप लगाया था कि विधायक बालेश्वर साहू और उनके सहयोगी गौतम राठौर ने मिलकर सुनियोजित तरीके से लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद धारा 420, 467, 468, 471 और 34 भादवि जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
9 जनवरी 2026 को जब पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया, तो न्यायालय ने भी कोई नरमी नहीं दिखाई। विधायक की रेगुलर बेल खारिज कर दी गई और जेल वारंट जारी होते ही उन्हें सीधे जिला जेल भेज दिया गया।
इस गिरफ्तारी ने जिले की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। विपक्ष हमलावर है और सत्ता पक्ष कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है। सवाल उठ रहे हैं—
क्या सत्ता की कुर्सी अब अपराध का कवच बन चुकी थी?
क्या जनता के नाम पर विश्वासघात करने वालों को अब कानून सबक सिखाएगा?
सड़क से लेकर सदन तक इस गिरफ्तारी की गूंज सुनाई दे रही है। समर्थकों में खामोशी है, जबकि विरोधी इसे राजनीति की सड़ांध उजागर होने का क्षण बता रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह विधायक हो या आम आदमी। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है, लेकिन इतना तय है कि इस गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ की सियासत को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

