बैंक सिस्टम की गड़बड़ी से 72 पेंशनधारियों की पेंशन अटकी

0

 


बैंक सिस्टम की गड़बड़ी से 72 पेंशनधारियों की पेंशन अटकी

ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र होने के बावजूद नहीं मिली दिसंबर माह की राशि



उत्तम साहू 

नगरी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की नगरी शाखा में बैंक सिस्टम की गड़बड़ी के कारण 72 पेंशनधारियों की दिसंबर माह की पेंशन समय पर उनके खातों में जमा नहीं हो सकी, जिससे पेंशनरों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिवर्ष माह नवंबर में सभी पेंशनधारियों द्वारा जीवित प्रमाण पत्र जमा किया जाता है। इस वर्ष एसबीआई की नगरी शाखा द्वारा बुलाए जाने पर पेंशनरों ने स्वयं बैंक शाखा में उपस्थित होकर फोटो खिंचवाकर ऑनलाइन माध्यम से जीवित प्रमाण पत्र बनवाया था। प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक जमा होने का संदेश भी पेंशनरों को प्राप्त हुआ था।

नियम के अनुसार प्रत्येक माह की अंतिम तिथि को एसबीआई के पेंशनरों की पेंशन राशि उनके बैंक खातों में जमा हो जाती है, लेकिन 31 दिसंबर 2025 को बड़ी संख्या में पेंशनधारियों के खातों में पेंशन नहीं आई। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को पेंशनरों द्वारा बैंक शाखा में जानकारी ली गई, जहां बैंक के एक कर्मचारी ने बताया कि नवंबर माह में ऑनलाइन जमा किए गए जीवित प्रमाण पत्रों में से 72 पेंशनधारियों के प्रमाण पत्र बैंक सिस्टम से डिलीट हो गए हैं।

इसी कारण दिसंबर माह की पेंशन राशि संबंधित पेंशनरों के खातों में नहीं आ सकी। एक पेंशनर ने बताया कि उसका जीवित प्रमाण पत्र 13 नवंबर को बैंक में ही ऑनलाइन बना था और सफल होने का संदेश भी मिला था, फिर भी पेंशन रोक दी गई। बाद में 1 जनवरी 2026 को पुनः फोटो खिंचवाकर दोबारा ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र बनवाना पड़ा।

इस घटना के बाद ऑनलाइन प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि बैंक के सभी कार्य ऑनलाइन होते हैं, फिर भी सिस्टम से प्रमाण पत्र डिलीट होना चिंता का विषय है।

बैंक सिस्टम की इस लापरवाही से पेंशनर साथी बेवजह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं। पेंशनरों ने बैंक प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने और भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसकी मांग की है।


Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !