धान खरीदी केंद्र कसपुर में किसानों का हंगामा, कम धान खरीदी का आरोप
उत्तम साहू
नगरी। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया जारी है। खरीदी की अवधि समाप्त होने में लगभग 15 दिन शेष हैं। इसी बीच कसपुर स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति धान खरीदी केंद्र में किसानों ने कम मात्रा में धान खरीदी का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
बुधवार को आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान खरीदी केंद्र पहुंचे और आक्रोश जताया। किसानों का आरोप है कि उनके टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार धान नहीं लिया जा रहा है। केंद्र में लाए गए धान को कम मात्रा में स्वीकार कर शेष धान वापस किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि पटवारी एवं ग्राम सेवकों द्वारा पहले ही घर-घर जाकर धान का भौतिक सत्यापन किया जा चुका है, इसके बावजूद टोकन के अनुरूप धान नहीं लिया जा रहा। किसानों ने इसे प्रशासनिक मनमानी बताया।
किसानों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार—
दिनेश कुमार का 100 कट्टा टोकन होने पर 90 कट्टा लिया गया।
फूलसिंह वर्मा के 132 कट्टा में से केवल 100 कट्टा खरीदा गया।
सगनूराम/घासी राम के 180 कट्टा में से 80 कट्टा ही स्वीकार किए गए।
लोमनाथ के 171 कट्टा में से 124 कट्टा लिया गया।
भारतलाल/महगूराम के 168 कट्टा में से 150 कट्टा खरीदा गया।
रामलाल/महगूराम के 450 कट्टा में से केवल 298 कट्टा धान लिया गया।
इसके अलावा किसान उकेकेश साहू ने बताया कि 110 क्विंटल का टोकन होने के बावजूद केवल 50 क्विंटल धान लिया जा रहा है। लक्ष्मीकांत साहू ने 22 क्विंटल का टोकन होने के बावजूद धान अमान्य किए जाने का आरोप लगाया। आमगांव के किसान अजीत कुमार धुव एवं चंद्र कुमार धुव ने टोकन नहीं कटने की शिकायत की। वहीं नरसिंह कश्यप ने पटवारी पर चार क्विंटल धान समर्पण करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया।
विरोध की सूचना मिलने पर शाम को तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाइश दी। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि सभी पात्र किसानों का धान खरीदा जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
इस संबंध में ग्राम सेवक घनाराम साहू एवं पटवारी पुरुषोत्तम चक्रधारी ने बताया कि भौतिक सत्यापन के आधार पर ही धान खरीदी की जा रही है। कुछ किसान निर्धारित मात्रा से अधिक धान ला रहे हैं, इसलिए अतिरिक्त धान लौटाया जा रहा है। जिन किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है, उनके आवेदन लेकर पुनः टोकन काटे जाएंगे।
तहसीलदार बेलरगांव अखिलेश देशलहरे ने बताया कि समिति स्तर पर एंट्री में कुछ त्रुटियां सामने आई थीं, जिन्हें सुधारा जा रहा है। मौके पर उपलब्ध धान के अनुरूप ही खरीदी सुनिश्चित की जा रही है।
वहीं जिला पंचायत सदस्य गरिमा नेताम ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप धान खरीदी पारदर्शी और किसानों के हित में होनी चाहिए। सोसायटी केंद्रों में कम धान लिया जाना गलत है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य गरिमा नेताम, जनपद सदस्य शिवनाथ मरकाम, सरपंच बोधन सिंह मरकाम, उपसरपंच जीवनलाल कुंजाम सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


