शादी से इनकार बना मौत की वजह
सिरफिरे प्रेमी ने जंगल में प्रेमिका की बेरहमी से हत्या की, आरोपी गिरफ्तार
बालोद। प्यार के रिश्ते में जबरन शादी की जिद ने एक महिला की जान ले ली। बालोद जिले के गुरामी जंगल में 24 जनवरी को मिली सड़ी-गली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस जघन्य हत्या को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि महिला के प्रेमी ने ही दिया था।
मृतका की पहचान कमला राजपूत के रूप में हुई है, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 16 जनवरी को दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नेमीचंद साहू, जो तरौद का निवासी है, कमला के साथ प्रेम संबंध में था।
ऐसे खुली हत्या की परतें
16 जनवरी को कमला दोपहर करीब 2 बजे घर से निकली थी। उसी दिन वह नेमीचंद से मिली और दोनों बाइक से गुरामी जंगल पहुंचे — जहां वे पहले भी मुलाकात किया करते थे। जंगल में शराब पीने के दौरान नेमीचंद ने कमला पर शादी कर उसके साथ घर चलने का दबाव बनाया। कमला के इनकार करते ही विवाद इतना बढ़ गया कि नेमीचंद ने आपा खो दिया।
गुस्से में उसने पहले कमला का गला दबाया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद भी उसकी सांसें चल रही थीं, तो आरोपी ने उसे घसीटकर जंगल के निचले हिस्से में ले गया और एक बड़े पत्थर से सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। पहचान छिपाने के इरादे से शव को पत्थरों से ढक दिया गया।
मोबाइल बना पुलिस के लिए अहम सुराग
घटना के बाद कमला के मोबाइल पर लगातार परिजनों के कॉल आ रहे थे। नेमीचंद मोबाइल लेकर घर चला गया, रातभर सोया और अगली सुबह ट्रेन से दुर्ग रवाना हो गया। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर जब फिर से कॉल आया तो उसने मोबाइल तोड़कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर नेमीचंद को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
जंगल से मिली लाश, टैटू से हुई पहचान
24 जनवरी को जंगल में लकड़ी लेने गए ग्रामीण को तेज बदबू आई। पत्थरों के नीचे महिला का शव मिला। हाथ में बने टैटू और कपड़ों से मृतका की पहचान कमला के रूप में हुई। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल ने जांच की।
सबूत बरामद, आरोपी जेल में
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर टूटी चूड़ियां, हत्या में इस्तेमाल पत्थर, शराब की शीशी और मोबाइल बरामद किया है। नेमीचंद साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जब प्यार पर ज़बरदस्ती हावी हो जाए, तो वह सबसे खतरनाक शक्ल ले लेता है।

