अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों की पैकिंग स्वास्थ्य के लिए घातक

0

 

अखबारी कागज में खाद्य पदार्थों की पैकिंग स्वास्थ्य के लिए घातक
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की आमजन व खाद्य कारोबारियों से अपील



उत्तम साहू 

धमतरी, 12 जनवरी 2026। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ने अखबारी कागज एवं प्रिंटेड पेपर में खाद्य पदार्थों की पैकिंग को मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक बताया है। प्रशासन ने आमजन और समस्त खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि भोजन की पैकिंग एवं परोसने में ऐसे कागजों का उपयोग तत्काल बंद करें।

प्रशासन के अनुसार न्यूनतम लागत के कारण स्ट्रीट फूड सहित कई स्थानों पर खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर देने की प्रवृत्ति आम है। इसके अलावा घरों में भी तले हुए खाद्य पदार्थों से अतिरिक्त तेल सोखने के लिए अखबारी कागज का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत जोखिमपूर्ण है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि अखबारी कागज और प्रिंटेड पेपर में प्रयुक्त स्याही में डाई आइसोब्यूटाइल फ्थेलेट, डाइ-एन-आइसोब्यूटाइलेट सहित कई हानिकारक रसायन और रंग होते हैं। ये तत्व भोजन के संपर्क में आने पर, विशेषकर तेलीय खाद्य पदार्थों के साथ, शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इससे पाचन संबंधी विकार, विषाक्तता, विभिन्न प्रकार के कैंसर, महत्वपूर्ण अंगों की विफलता तथा प्रतिरक्षा तंत्र के कमजोर होने जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोजन को पर्यावरणीय प्रभावों से सुरक्षित रखने के लिए उचित और मानक खाद्य पैकेजिंग आवश्यक है, न कि अखबारी या प्रिंटेड कागज का उपयोग। सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को इस संबंध में जागरूक रहने और सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई खाद्य कारोबारी अखबारी कागज या प्रिंटेड पेपर में खाद्य पदार्थों की पैकिंग करता पाया जाए, तो पहले उसे इसके दुष्प्रभावों के बारे में समझाइश दें। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन होने पर इसकी सूचना श्री फनेश्वर पिथौरा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी (मोबाइल: 87706 01262) को देने का अनुरोध किया गया है।

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !