नवा खाई के बहाने अमित जोगी ने दिखाई सियासी ताकत, हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कांग्रेस के दोनों गुट एक मंच पर
उत्तम साहू
गौरेला-पेंड्रा-मारवाही। नवा खाई पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी ने इस आयोजन के माध्यम से अपनी राजनीतिक ताकत का खुलकर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटे, वहीं लंबे समय बाद कांग्रेस के दोनों गुट भी एक मंच पर नजर आए, जिससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
अमित जोगी ने अपने संबोधन में कहा कि “छत्तीसगढ़ को जोगी जी के सपनों का गढ़ बनाया जाएगा” और इसके लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कवर्धा में सात करोड़ रुपये के धान के कथित घोटाले का मुद्दा उठाया और इसे किसानों के साथ अन्याय बताया।
कांग्रेस के दोनों धड़ों की मंच साझा मौजूदगी
कार्यक्रम की सबसे बड़ी राजनीतिक खासियत यह रही कि कांग्रेस के दोनों गुट एक ही मंच पर दिखाई दिए। इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वहीं, अमित जोगी ने गौरेला-पेंड्रा-मारवाही क्षेत्र में अपनी सक्रियता और मजबूत करते हुए स्पष्ट संकेत दिए कि आने वाले समय में यह इलाका उनकी राजनीति का केंद्र रहेगा।
40 दिनों के आत्मचिंतन की घोषणा
अमित जोगी ने मंच से एक भावुक और गंभीर घोषणा करते हुए कहा कि वे आगामी 40 दिनों तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं रहेंगे। इस दौरान वे आत्मचिंतन करेंगे और छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर मंथन करेंगे।
उन्होंने कहा,
“मैं लौटूंगा एक नए विजन के साथ, नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ। युवा छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय हितों और आकांक्षाओं को पूरा करने के स्पष्ट रोडमैप के साथ।”
इस अवधि में वे अपने परिवार, मित्रों और निकटतम लोगों से भी दूरी बनाए रखेंगे। जिन पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित किया गया है, उनके लिए उन्होंने क्षमा याचना करते हुए कहा कि जहां संभव होगा, वहां अपने प्रतिनिधि भेजकर शुभकामनाएं प्रेषित करेंगे।
विभाजन की राजनीति के खिलाफ संकल्प
अपने संदेश के अंत में अमित जोगी ने कहा कि वे लौटकर फिर जनता के बीच खड़े होंगे, कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे और छत्तीसगढ़ को जोड़ने का काम करेंगे।
“विभाजन, भ्रम और लूट की राजनीति के विरुद्ध, सम्मान, संविधान और साझा भविष्य के पक्ष में हमारी लड़ाई जारी रहेगी,”
नवा खाई के इस मंच से दिया गया अमित जोगी का संदेश न केवल भावनात्मक था, बल्कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति की दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है।

