वीबी-जी राम जी : गांवों को श्रम से समृद्धि की ओर ले जाने की नई गारंटी

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वीबी-जी राम जी : गांवों को श्रम से समृद्धि की ओर ले जाने की नई गारंटी



उत्तम साहू 

धमतरी, 18 जनवरी। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों के सशक्त होने से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। इसी भावना को साकार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत–ग्राम गारंटी अधिनियम 2025 (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है। यह योजना ग्रामीण भारत के लिए केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्थायी विकास की ठोस नींव रखती है।

वीबी-जी राम जी के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जल संरक्षण, तालाब निर्माण, ग्रामीण सड़क, गोदाम, सिंचाई संरचनाएं, हाट बाजार और विभिन्न प्रकार के शेड जैसी टिकाऊ एवं उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि, पलायन पर रोक और गांवों की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालीन मजबूती मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से लगभग 40 लाख ग्रामीण श्रमिक परिवारों को प्रतिवर्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। विशेष रूप से आदिवासी, वनांचल और कृषि-प्रधान क्षेत्रों में यह योजना आजीविका सुरक्षा का सशक्त आधार बनेगी। रोजगार के दिनों में वृद्धि से मौसमी बेरोजगारी कम होगी और शहरी क्षेत्रों की ओर होने वाले पलायन में गिरावट आएगी।

धमतरी जिले में वीबी-जी राम जी के तहत 1.85 लाख से 2 लाख ग्रामीण श्रमिकों को प्रतिवर्ष रोजगार का लाभ मिलने की संभावना है। जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्य सुनिश्चित हो सकें। इससे कृषि, ग्रामीण व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी।

योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें कौशल विकास को अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है। श्रमिकों को जल प्रबंधन, निर्माण, रखरखाव, भंडारण और तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल श्रमिक के साथ-साथ स्थानीय उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार और नेतृत्व के अवसर मिलेंगे, जबकि युवाओं को गांव में ही प्रशिक्षण और काम मिलने से पलायन की मजबूरी कम होगी।

इस योजना में ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त अधिकार दिए गए हैं। कार्यों का चयन ग्राम सभा की सहमति से, पंचायत द्वारा क्रियान्वयन, अनिवार्य सोशल ऑडिट, समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता तथा मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे जैसे प्रावधानों से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अनुसार, वीबी-जी राम जी ग्रामीण भारत के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप है।
125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण और कौशल विकास गांवों को आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।

कुल मिलाकर, वीबी-जी राम जी गांवों को अस्थायी राहत नहीं, बल्कि स्थायी समृद्धि प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। रोजगार, कौशल, संपत्ति और सम्मान—इन चार मजबूत स्तंभों पर आधारित यह योजना विकसित भारत की नींव को गांवों से सशक्त बना रही है।

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