मंडी कर अपवंचन पर प्रशासन की सख़्त कार्रवाई, धान व्यापारी पर बोराई थाना में FIR, फर्म सीलबंद
उत्तम साहू
नगरी- धमतरी, 22 जनवरी 2026। कृषि उपज मंडी क्षेत्र में पारदर्शिता और शासकीय राजस्व की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगरी कृषि उपज मंडी क्षेत्र अंतर्गत घुटकेल स्थित थोक धान व्यापारी शिवम ट्रेडर्स के विरुद्ध मंडी कर अपवंचन और दस्तावेजों में कूट रचना के गंभीर मामले में फर्म को सीलबंद कर दिया गया है तथा संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगरी के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच दल ने 11 जनवरी 2026 को फर्म का मौके पर निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया था। जांच प्रतिवेदन 14 जनवरी को प्रस्तुत किया गया, जिसमें ई-मंडी/एग्री पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों, स्टॉक पंजी (बी-1) तथा बोराई मंडी चेक पोस्ट के आवक-जावक अभिलेखों का मिलान किया गया।
जांच में सामने आया कि फर्म द्वारा ई-मंडी पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों की तुलना में स्टॉक पंजी में धान की जावक मात्रा अधिक दर्शाई गई। इसके अलावा पीडीएफ़ दस्तावेजों में संशोधन कर धान की मात्रा बढ़ाकर दिखाने, बिना वैध ई-मंडी अनुज्ञा पत्र के परिवहन करने तथा चेक पोस्ट पर संशोधित दस्तावेज प्रस्तुत करने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच दल के अनुसार, कुल 47 अनुज्ञा पत्रों में छेड़छाड़ कर लगभग 5656 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 के तहत मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क एवं निराश्रित शुल्क सहित लगभग 2.48 लाख रुपये के कर अपवंचन की संभावना है।
इन तथ्यों के आधार पर 15 जनवरी 2026 को शिवम ट्रेडर्स को सीलबंद किया गया। इसके बाद 17 जनवरी को फर्म संचालक संतोष खंडेलवाल के विरुद्ध FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। थाना बोराई में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 339 एवं 340 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता, किसानों के हितों की सुरक्षा और शासकीय राजस्व की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर अपवंचन या दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की हेराफेरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडी क्षेत्र में आगे भी सघन निरीक्षण और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।

