RTO e-Challan के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल, फर्जी APK लिंक से सतर्क रहने की अपील
उत्तम साहू
धमतरी 08 जनवरी 2026 धमतरी जिले में साइबर ठगों द्वारा RTO e-Challan के नाम पर आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। धमतरी पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि साइबर अपराधी “RTO challan e-Court Notice.apk” नामक फर्जी APK लिंक व्हाट्सएप और SMS के माध्यम से भेज रहे हैं।
पुलिस के अनुसार यह पूरी तरह से फर्जी और खतरनाक साइबर स्कैम है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस APK फाइल को मोबाइल में डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, मालवेयर सक्रिय होकर मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लेता है। इससे OTP, SMS, बैंकिंग डाटा, UPI जानकारी और यहां तक कि WhatsApp अकाउंट भी हैक हो सकता है।
RTO e-Challan को लेकर पुलिस की स्पष्ट चेतावनी
धमतरी पुलिस ने नागरिकों को स्पष्ट किया है कि परिवहन विभाग या RTO कभी भी WhatsApp के माध्यम से e-Challan नहीं भेजता। e-Challan केवल वाहन या बैंक में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ही आधिकारिक माध्यम से प्राप्त होता है। अनजान नंबर से आए किसी भी APK लिंक, ऐप या फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करने की अपील की गई है।
साथ ही मोबाइल फोन में Auto Download और Auto Update विकल्प बंद रखने तथा किसी भी APK फाइल को इंस्टॉल करने से पहले उसकी पूरी जांच करने की सलाह दी गई है।
गलती से APK इंस्टॉल हो जाए तो तुरंत करें ये कदम
यदि किसी व्यक्ति ने गलती से फर्जी APK लिंक इंस्टॉल कर लिया है तो तुरंत मोबाइल डेटा या इंटरनेट बंद करें, इंटरनेट बैंकिंग और UPI का उपयोग न करें, WhatsApp में Linked Devices चेक कर अज्ञात डिवाइस हटाएं तथा सभी पासवर्ड और UPI PIN तुरंत बदलें।
साइबर ठगी की शिकायत कहां करें
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि स्वयं सतर्क रहें, दूसरों को भी जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध लिंक, APK या संदेश से दूरी बनाए रखें। पुलिस का कहना है कि सावधानी ही साइबर सुरक्षा का सबसे मजबूत उपाय है।
