छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: 'संकल्प' से संवरेगा प्रदेश; 1.72 लाख करोड़ के बजट में बेटियों, किसानों और युवाओं पर सौगातों की बौछार

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छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: 'संकल्प' से संवरेगा प्रदेश; 1.72 लाख करोड़ के बजट में बेटियों, किसानों और युवाओं पर सौगातों की बौछार


उत्तम साहू 

रायपुर/ छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट 'संकल्प' (SANKALP) थीम पर आधारित है, जिसका लक्ष्य विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज सदन में साय सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। 'ज्ञान' (GYAN) और 'गति' (GATI) के पिछले दो बजटों के बाद, इस वर्ष का बजट 'संकल्प' थीम पर केंद्रित है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'SANKALP' का अर्थ समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी से परिणाम है।

प्रमुख घोषणाएं और योजनाएं

रानी दुर्गावती योजना: महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी घोषणा करते हुए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है। इसके तहत बेटियों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर उन्हें 1.5 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

 किसानों के लिए सौगात: 'कृषि उन्नत योजना' के लिए 10,000 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, कृषि पंपों के लिए 5,500 करोड़ और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु 40 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

 महतारी वंदन योजना: महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए इस योजना हेतु 8,200 करोड़ का प्रावधान बजट में रखा गया है।

अधोसंरचना और कनेक्टिविटी: लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए 9,451 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसमें रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों में नए फ्लाईओवर, ब्रिज और सड़कों के चौड़ीकरण के कार्य शामिल हैं।

क्षेत्रवार बजट आवंटन एक नजर में

विभाग/क्षेत्र आवंटित राशि (करोड़ में) मुख्य उद्देश्य 

कृषि उन्नत योजना 10,000  किसानों की आय में वृद्धि 

 PWD (सड़क एवं पुल) 9,451 शहरी एवं ग्रामीण कनेक्टिविटी 

 महतारी वंदन योजना 8,200 महिला सशक्तिकरण 

PM आवास (ग्रामीण) 4,000 गरीबों को पक्का मकान 

 औद्योगिक पार्क 250 23 नए पार्क, रोजगार सृजन 

मितानिन कल्याण 350 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कल्याण 

बस्तर और सरगुजा पर विशेष ध्यान

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ने बस्तर और सरगुजा में रोजगार आधारित उद्योगों (जैसे राइस मिल, पोल्ट्री फार्म) के लिए 100 करोड़ का निवेश प्रावधान किया है। साथ ही, अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 'एजुकेशन सिटी' के निर्माण हेतु 100 करोड़ दिए गए हैं।

 वित्त मंत्री का विजन: "यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है।"

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