धमतरी: फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले के 91 स्कूलों में शुरू हुआ TAS-3 सर्वे सफलता पूर्वक संपन्न
उत्तम साहू
धमतरी। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. यू.एल. कौशिक के मार्गदर्शन में ट्रांसमिशन आंकलन सर्वेक्षण (TAS-3) शुरू किया गया है।
इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य जिले में फाइलेरिया के संक्रमण के स्तर की जांच करना है। ज्ञात हो कि धमतरी जिला पूर्व में TAS-1 और TAS-2 सर्वे की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर चुका है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मात्र तीन जिलों में यह सर्वे किया जा रहा है, जिनमें धमतरी भी शामिल है।
सर्वे की मुख्य बातें:
लक्ष्य: जिले के कुल 91 स्कूलों के बच्चों की जांच।
आयु वर्ग: कक्षा पहली और दूसरी के 06 से 07 वर्ष के कुल 1552 बच्चे।
जांच प्रक्रिया: बच्चों के रक्त के नमूने लेकर फाइलेरिया टेस्ट स्ट्रिप (FTS) किट के माध्यम से मौके पर ही जांच की जा रही है।
क्षेत्रवार विवरण: सर्वे में नगरी के 33, मगरलोड के 15, कुरूद के 21, धमतरी (गुजरा) के 15 स्कूल और शहरी क्षेत्र के 07 स्कूल शामिल किए गए हैं।
प्रमुख टीम और नेतृत्व:
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला नोडल अधिकारी डॉ. आदित्य सिन्हा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रिया कंवर, जिला वी.बी.डी. सलाहकार सस्मिता पटनायक, चिरायु RBSK टीम और स्वास्थ्य कर्मी निरंतर सक्रिय हैं।
फाइलेरिया: लक्षण और बचाव
प्रशासन ने सर्वे के साथ-साथ आम जनमानस के लिए स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं:
लक्षण: हाथ या पांव में सूजन (हाथीपांव) और हाइड्रोसील इसके प्रमुख लक्षण हैं।
बचाव के उपाय: 1. चिकित्सक के परामर्श पर DEC की गोली का सेवन करें।
2. सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें।
3. घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और पानी का जमाव न होने दें।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से इस सर्वे में सहयोग करने और फाइलेरिया के प्रति जागरूक रहने की अपील के साथ ही 31 जनवरी को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया ।

