अध्ययन से आत्मनिर्भरता तक: धमतरी में विकसित हो रहा ज्ञान अधोसंरचना तंत्र
लाइब्रेरी और कोवर्किंग स्पेस से सशक्त होगा युवा वर्ग
धमतरी, 23 फरवरी 2026। जिले में शिक्षा, नवाचार और युवाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा ज्ञान आधारित अधोसंरचना विकसित करने की व्यापक पहल की जा रही है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक लाइब्रेरी और कोवर्किंग स्पेस स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षार्थियों, विद्यार्थियों और नवाचार से जुड़े युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर वातावरण मिल सके।
जिला मुख्यालय के नालंदा परिसर में लगभग 500 सीट क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। यह जिले का सबसे बड़ा अध्ययन केंद्र होगा। यहां डिजिटल रीडिंग ज़ोन, ई-लाइब्रेरी, हाई-स्पीड इंटरनेट, समाचार-पत्र, संदर्भ पुस्तकें, पृथक अध्ययन कक्ष, समूह चर्चा कक्ष, शांत अध्ययन क्षेत्र तथा पर्याप्त प्रकाश और वेंटिलेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह परिसर विद्यार्थियों के लिए केवल पुस्तकालय नहीं, बल्कि प्रेरणादायी ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
जिले के अन्य नगरीय निकायों में भी लाइब्रेरी निर्माण कार्य प्रगति पर है। नगरी विकासखंड में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से लाइब्रेरी का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जहां युवा नियमित अध्ययन कर रहे हैं। कुरूद में 20 लाख रुपये की लागत से 50 सीटर लाइब्रेरी पुराने भवन के जीर्णोद्धार के माध्यम से विकसित की जा रही है, जिसमें वाई-फाई, कंप्यूटर, ई-लाइब्रेरी, शौचालय, पेयजल और सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था उपलब्ध होगी। यह कार्य शीघ्र पूर्ण होने की संभावना है।
मगरलोड में 120 सीटर लाइब्रेरी तैयार हो चुकी है, जहां वर्तमान में लगभग 35 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। वहीं आमदी (10 लाख रुपये) और भाखरा (9 लाख रुपये) में लाइब्रेरी निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधा मिल सके।
इसी क्रम में नगरी नगर पंचायत क्षेत्र में आधुनिक कोवर्किंग स्पेस भी स्थापित किया गया है। यह सुविधा युवाओं, स्टार्टअप्स, फ्रीलांसर्स और नवाचार से जुड़े उद्यमियों के लिए साझा कार्यस्थल के रूप में विकसित की गई है। यहां वाई-फाई, मीटिंग रूम, प्रोजेक्टर, आरामदायक डेस्क और पेशेवर कार्य वातावरण उपलब्ध है, जिससे युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने जिले में ही रोजगार और उद्यम के अवसर मिल सकें।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि युवाओं को प्रतिस्पर्धी वातावरण उनके अपने जिले में ही उपलब्ध कराया जाए। लाइब्रेरी और कोवर्किंग स्पेस ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर की 500 सीटर आधुनिक लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी, जबकि नगरी का कोवर्किंग स्पेस युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करेगा।
जिला प्रशासन की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप आजीवन सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देगी। इससे धमतरी शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



