धमतरी: मातृत्व सुरक्षा और पोषण सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धि

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 धमतरी: मातृत्व सुरक्षा और पोषण सशक्तिकरण में ऐतिहासिक उपलब्धि



उत्तम साहू 

धमतरी, 23 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से धमतरी जिले ने मातृत्व सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु संचालित यह योजना आज जिले में एक सशक्त सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में स्थापित हो चुकी है। जिला महिला एवं बाल विकास द्वारा समय समय पर ऐसी लाभार्थी महिलाओं का सम्मान भी किया जाता है । 


योजना का उद्देश्य और प्रभाव


योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को गर्भावस्था के दौरान आंशिक आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें पर्याप्त विश्राम, संतुलित पोषण एवं समय पर स्वास्थ्य जांच हेतु प्रोत्साहित करना है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दी जाने वाली सहायता ने पारदर्शिता और विश्वास को मजबूत किया है।


प्रथम जीवित संतान हेतु ₹5,000 की राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है, जबकि PMMVY 2.0 के अंतर्गत द्वितीय बालिका संतान पर ₹6,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है। इस पहल से न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिल रही है, बल्कि नवजातों के टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और नियमित एएनसी जांच के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।


धमतरी जिले की उपलब्धियां (वित्तीय वर्ष 2025-26)


वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक नामांकन कर 110 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है, जो राज्य स्तर पर एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। प्रथम संतान श्रेणी में 3,337 के लक्ष्य के विरुद्ध 3,877 पंजीयन कर 116 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई। द्वितीय बालिका संतान श्रेणी में 1,515 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,480 पंजीयन कर 98 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई। कुल मिलाकर 4,852 के लक्ष्य के विरुद्ध 5,357 पंजीयन कर जिले ने 110 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।


यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के समन्वित प्रयासों से अधिकाधिक पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाया गया। 


जनजागरूकता और नवाचार


घर-घर सर्वे और विशेष पंजीयन अभियान चलाए गए। आंगनवाड़ी केंद्रों में “मातृत्व परामर्श दिवस” आयोजित कर पोषण, आयरन-फोलिक एसिड सेवन और टीकाकरण पर मार्गदर्शन दिया गया। आधार-संलग्न बैंक खातों के माध्यम से समयबद्ध DBT सुनिश्चित कर पारदर्शिता बढ़ाई गई। दूसरी बालिका संतान पर प्रोत्साहन राशि से “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” की भावना को भी बल मिला।


एक बदली हुई जिंदगी 


कुरूद विकासखंड की एक हितग्राही माता ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने पौष्टिक आहार, फल-सब्जी और आवश्यक दवाइयां खरीदीं। इससे उन्हें गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त आराम मिला और सुरक्षित प्रसव संभव हुआ। उनका कहना है कि सरकार की इस सहायता ने उन्हें आर्थिक चिंता से मुक्त किया और बेटी के जन्म पर आत्मविश्वास बढ़ाया।


महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव


प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जिले में केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृत्व को सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। जिले की 110 प्रतिशत उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता, मैदानी अमले की सक्रियता और जनसहभागिता से सामाजिक कल्याण योजनाएं वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं। मातृत्व को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में धमतरी की यह उपलब्धि स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

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