महिला एवं बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान
उत्तम साहू,दिनांक 28 फरवरी 2026
नगरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार 28 फरवरी 2026 को विकासखंड मुख्यालय नगरी के नगर पंचायत नगरी स्थित सांस्कृतिक भवन में 0 से 6 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ नगर पंचायत नगरी के अध्यक्ष श्री बलजीत छाबड़ा एवं पार्षदगणों के करकमलों से हुआ।
शिविर में 6 सेक्टरों के कुल 408 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें कमार जनजाति के बच्चे भी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष ने दोनों विभागों की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए उपस्थित पालकों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
बीपीएम नगरी श्री हितेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिंग कर एक ही स्थान पर सभी प्रकार की जांच, उपचार, रेफरल एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना है। शिविर में आयुष विभाग की सेवाएं भी प्रदान की गईं। डॉ. डी.एन. सोम (एनआरसी व चाइल्ड हेल्थ नोडल) ने विशेष श्रेणी के बच्चों की जांच कर आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
चिरायु दल के चिकित्सकों द्वारा भी बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री सोमेन्द्र कुमार साहू ने जानकारी दी कि विशेष रूप से ऐसे बच्चों को चिन्हांकित कर लाया गया था जिनका वजन किसी बीमारी के कारण नहीं बढ़ रहा था या जिन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं। ऐसे बच्चों को चिकित्सकों द्वारा विभिन्न पद्धतियों से उपचार एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।
होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. तुलाराम साहू एवं आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष तथा डॉ. एम.पी. चंद्राकर ने बताया कि उनके काउंटर पर 228 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया तथा 156 बच्चों को आयुष औषधियों का वितरण किया गया। इस दौरान बच्चों की माताओं की भी स्वास्थ्य जांच कर उपचार प्रदान किया गया।
चिरायु दल के डॉ. अखिल चंद्राकर, डॉ. शमा खान, डॉ. रेनुका चौहान एवं डॉ. मिथलेश साहू ने बताया कि उनके काउंटर पर 165 बच्चों की जांच की गई, जिनमें अधिकांश सर्दी-खांसी एवं चर्म रोग से संबंधित थे। कुछ मध्यम कुपोषित बच्चों की नई पहचान हुई, जिन्हें मौके पर उपचार प्रदान किया गया तथा आवश्यकतानुसार एनआरसी सेवाओं से जोड़ा जाएगा। एक जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चे का भी फॉलोअप लिया गया।
बीएमओ नगरी डॉ. अरुण नेताम ने बताया कि शिविर अत्यंत सफल रहा। कुल 408 बच्चों में से 88 बच्चों का रक्त परीक्षण किया गया, जिनमें कोई भी बच्चा गंभीर एनीमिक नहीं पाया गया तथा केवल एक बच्चा सामान्य रक्ताल्पता से ग्रसित मिला। एलोपैथिक क्लीनिक में 264 बच्चों को विभिन्न प्रकार की दवाइयां वितरित की गईं, जिनमें कैल्शियम एवं प्रोटीन की कमी वाले बच्चों को मौके पर ही औषधि प्रदान की गई। नेत्र विकार के 20 एवं दंत रोग से संबंधित 26 मामलों की पहचान कर तत्काल उपचार किया गया।
दोनों विभागों द्वारा इन सभी बच्चों का नियमित फॉलोअप कर आवश्यकतानुसार उपचार सेवाएं प्रदान की जाएंगी। शिविर के सफल आयोजन में स्वयंसेवी संस्था अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, मोबाई क्रेचेस एवं लोक आस्था संस्था का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में पार्षदगण श्री अश्वनी निषाद, श्री शंकर देव, श्रीमती अल्का साहू, श्रीमती टुकेश्वरी जयंती साहू, श्रीमती मिक्की गुप्ता, श्रीमती चलेश्वरी साहू, देवश्रण साहू, हरिश साहू एवं राजा पवार सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी सोमेंद्र साहू, सभी सुपरवाइजर एवं स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।






