विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल : कविता यादव
उत्तम साहू
धमतरी। मगरलोड भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कविता यादव ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण को ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह योजना विकसित भारत के स्वर्णिम अध्याय के रूप में जानी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
कविता यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का मजदूरी रोजगार प्रदान किया जाएगा। यह विधेयक वर्तमान में संचालित मनरेगा की जगह लेगा और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का कार्य करेगा।
गारंटीकृत रोजगार और विकेंद्रीकृत विकास
उन्होंने बताया कि योजना के तहत रोजगार की गारंटी दी जाएगी और विकास कार्यों का क्रियान्वयन ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत रूप में किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच निधि बंटवारे का अनुपात 60:40 निर्धारित किया गया है, जिससे निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
कविता यादव ने कहा कि यदि किसी कारणवश लाभार्थियों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान
उन्होंने बताया कि इस विधेयक में महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अंतर्गत महिलाओं को भी 125 दिनों का मजदूरी रोजगार मिलेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार योजनाएं और अधिकारों की रक्षा से जुड़े विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
कविता यादव ने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी कम होगी, आय के नए स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीण भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर होगा। यह योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

