नगरी: सरकार की बेरुखी से आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं हड़ताल पर, रावनभांठा में हुंकार

0

 

नगरी: सरकार की बेरुखी से आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं रावनभांठा में हड़ताल पर


उत्तम साहू 

नगरी (धमतरी): छत्तीसगढ़ सरकार के "उपेक्षापूर्ण" रवैये से क्षुब्ध होकर नगरी ब्लॉक की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। 'आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच' के आह्वान पर रावनभांठा (नगरी) में दो दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार उनकी बुनियादी मांगों को लगातार अनसुना कर रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।

आंदोलन के दो चरण: विधानसभा घेराव की तैयारी

संयुक्त मंच द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह आंदोलन दो चरणों में नियोजित है:

 प्रथम चरण (26 एवं 27 फरवरी): जिला और ब्लॉक मुख्यालयों पर सामूहिक अवकाश लेकर धरना-प्रदर्शन। इसी क्रम में आज नगरी के रावनभांठा में भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

द्वितीय चरण (09 मार्च 2026): अपनी मांगों को मनवाने के लिए कार्यकर्ता प्रांतीय स्तर पर विधानसभा का घेराव करेंगे।

प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है संयुक्त मंच

प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी तीन मुख्य मांगों को प्रमुखता से रखा है:

शासकीय कर्मचारी का दर्जा: शिक्षा कर्मियों और पंचायत कर्मियों की तर्ज पर नीति बनाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी पूर्ण शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।

न्यूनतम वेतन की गारंटी: शासकीय कर्मचारी घोषित होने तक कार्यकर्ता को 26,000 रुपये और सहायिका को 22,100 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए। साथ ही, मध्य प्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये की वेतन वृद्धि की जाए।

 सामाजिक सुरक्षा: सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त ग्रेच्युटी, मासिक पेंशन और समूह बीमा का लाभ प्रदान करने हेतु ठोस नीति बनाई जाए।

"अब और इंतज़ार नहीं"

धरना स्थल पर उपस्थित संघ के पदाधिकारी माहेश्वरी साहू, दयमंतीन साहू, सीता साहू,ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रही थीं, लेकिन सरकार के उदासीन रवैये ने उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।

"हम शासन की हर महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतारते हैं, लेकिन जब हमारे हक की बात आती है, तो बजट का बहाना बनाया जाता है। अब यह लड़ाई आर-पार की होगी।"




Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !