DMF फंड घोटाला: एसीबी का शिकंजा, पूर्व IAS अनिल टुटेजा फिर गिरफ्त में — 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड रायपुर। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) निधि से जुड़े चर्चित मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को गिरफ्तार कर लिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा यह गिरफ्तारी अपराध क्रमांक 02/2024 में लंबी जांच और साक्ष्य जुटाने के बाद की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, विवेचना के दौरान मिले डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज और संबंधित व्यक्तियों के बयान इस ओर संकेत करते हैं कि DMF निधि से जुड़े कार्यों में टुटेजा की सक्रिय भूमिका रही। आरोप है कि उन्होंने अपने परिचितों और कुछ फर्मों को काम दिलाने के लिए प्रभाव का उपयोग किया और इसके बदले कमीशन लिया गया। यह भी सामने आया है कि रिश्तेदारों और करीबी संपर्कों के माध्यम से अलग-अलग फर्मों को DMF मद से कार्य आवंटित कराने की प्रक्रिया संचालित की गई। प्राथमिक जांच में शासकीय धन के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार से जुड़े संज्ञेय अपराधों के संकेत पाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 26 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क में अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि टुटेजा पहले से ही कथित शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। इसी दौरान प्रोडक्शन वारंट पर उन्हें हिरासत में लेकर एसीबी ने इस मामले में औपचारिक गिरफ्तारी की है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

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DMF फंड घोटाला: एसीबी का शिकंजा, पूर्व IAS अनिल टुटेजा फिर गिरफ्त में — 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड


उत्तम साहू 

रायपुर। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) निधि से जुड़े चर्चित मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को गिरफ्तार कर लिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा यह गिरफ्तारी अपराध क्रमांक 02/2024 में लंबी जांच और साक्ष्य जुटाने के बाद की गई।

जांच एजेंसी के अनुसार, विवेचना के दौरान मिले डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज और संबंधित व्यक्तियों के बयान इस ओर संकेत करते हैं कि DMF निधि से जुड़े कार्यों में टुटेजा की सक्रिय भूमिका रही। आरोप है कि उन्होंने अपने परिचितों और कुछ फर्मों को काम दिलाने के लिए प्रभाव का उपयोग किया और इसके बदले कमीशन लिया गया।

यह भी सामने आया है कि रिश्तेदारों और करीबी संपर्कों के माध्यम से अलग-अलग फर्मों को DMF मद से कार्य आवंटित कराने की प्रक्रिया संचालित की गई। प्राथमिक जांच में शासकीय धन के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार से जुड़े संज्ञेय अपराधों के संकेत पाए गए हैं।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 26 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क में अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि टुटेजा पहले से ही कथित शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। इसी दौरान प्रोडक्शन वारंट पर उन्हें हिरासत में लेकर एसीबी ने इस मामले में औपचारिक गिरफ्तारी की है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

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