10 महीने में उजड़ गया सुहाग: दहेज की मांग से तंग आकर नवविवाहिता ने लगाई फांसी, पति समेत 4 गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में दहेज प्रताड़ना का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां शादी के महज 10 महीने बाद एक नवविवाहिता की जिंदगी खत्म हो गई। आरोप है कि दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर ससुराल पक्ष उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। मानसिक और शारीरिक यातना से तंग आकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मामला शिवरीनारायण थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार 11 फरवरी 2026 की रात नवविवाहिता ने अपने घर में साड़ी का फंदा बनाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष ने पुलिस को बताया कि 16 अप्रैल 2025 को उसकी शादी धर्मेन्द्र निर्मलकर से सामाजिक रीति-रिवाज के साथ हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद से ही पति, सास शिवकुमारी निर्मलकर, देवर मनोज निर्मलकर और मौसी सास तेरस बाई निर्मलकर दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उसे परेशान करने लगे थे।
परिजनों का आरोप है कि दहेज नहीं लाने पर उसे लगातार गाली-गलौज और मारपीट का सामना करना पड़ता था। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर नवविवाहिता ने अपनी जान दे दी।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पति समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

