सुकमा में बड़ा खुलासा: छात्रावास में 10वीं की छात्रा गर्भवती, अधीक्षिका पर गिरी गाज
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्कूल छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक सरकारी स्कूल के छात्रावास में रह रही 10वीं कक्षा की छात्रा के गर्भवती पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।
मामले की भनक 17 मार्च को तब लगी, जब छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर जांच की गई। मामला संवेदनशील देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी।
20 मार्च को आई जांच रिपोर्ट ने कई हैरान करने वाले तथ्य उजागर किए। रिपोर्ट के अनुसार, छात्रावास अधीक्षिका को पहले से ही छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे उच्च अधिकारियों से छिपाए रखा। साथ ही छात्रावास संचालन में गंभीर खामियां और छात्राओं की सुरक्षा में लापरवाही भी सामने आई।
जांच के आधार पर कलेक्टर अमित कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद (मूल पद: प्रधान पाठक) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोंटा निर्धारित किया गया है।
यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि छात्रावासों में रहने वाली बच्चियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। अब देखना होगा कि जांच आगे क्या मोड़ लेती है और जिम्मेदारों पर और क्या कार्रवाई होती है।

