18 मार्च को नगरी में कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन, लंबित मांगों पर फिर गरजेगा फेडरेशन
महंगाई भत्ता एरियर्स से लेकर नियमितीकरण तक—कर्मचारी-अधिकारियों ने बनाई रणनीति, ज्यादा से ज्यादा उपस्थिति की अपील
उत्तम साहू
नगरी। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर 18 मार्च को प्रदेशभर के जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। इसी क्रम में नगरी ब्लॉक के कर्मचारी-अधिकारी भी दोपहर भोजन अवकाश के दौरान ब्लॉक मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे।
फेडरेशन के ब्लॉक संयोजक डोमार सिंह ध्रुव ने बताया कि यह आंदोलन लंबित मांगों के निराकरण के लिए चौथे चरण का प्रदर्शन है। उन्होंने बताया कि प्रमुख मांगों में जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स को जीपीएफ खाते में समायोजित करना, चार स्तरीय पदोन्नति, समयमान वेतनमान तथा अर्जित अवकाश का 300 दिनों तक नगदीकरण शामिल है।
इसके अलावा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए गठित पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। सहायक शिक्षकों और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने की मांग भी शामिल है।
फेडरेशन ने अनुकंपा नियुक्ति को बिना शर्त लागू करने, 10 प्रतिशत सीमा समाप्त कर सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति देने, पंचायत सचिवों के शासकीयकरण तथा नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन और समयबद्ध पदोन्नति की मांग भी रखी है।
इसके साथ ही सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली समाप्त करने और सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
सोमवार को ब्लॉक संयोजक डोमार सिंह ध्रुव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई। बैठक में सहसंयोजक सुरेंद्र कुमार साहू, यशवंत साहू, अशोक साहू, महासचिव गिरीश जायसवाल, सचिव डीपी ताम्रकर, संघ अध्यक्ष अनिल कुमार ध्रुव, संजीव निर्मलकर सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने नगरी ब्लॉक के सभी कर्मचारी-अधिकारियों से अपील की है कि वे 18 मार्च को भोजन अवकाश के दौरान अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपें और प्रदर्शन को सफल बनाएं।

