खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 जगदलपुर में दौड़ेगा जुनून, चमकेगी जनजातीय प्रतिभा 🚀🏃‍♂️

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 जगदलपुर में दौड़ेगा जुनून, चमकेगी जनजातीय प्रतिभा 🚀🏃‍♂️



जगदलपुर/ बस्तर की वादियों में आज से खेलों का ऐसा रंग जमने जा रहा है, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के पहले संस्करण का रोमांच अब जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में अपने चरम पर पहुंचने वाला है, जहाँ सोमवार से एथलेटिक्स की दमदार शुरुआत होगी।

रायपुर में भव्य आगाज़ के बाद अब नजरें पूरी तरह बस्तर पर टिक गई हैं। यहाँ सिर्फ दौड़ नहीं होगी, बल्कि हर कदम के साथ जनजातीय युवाओं का आत्मविश्वास, संघर्ष और सपने भी दौड़ेंगे। इस आयोजन का शुभंकर ‘मोर वीर’ उसी जज़्बे का प्रतीक बनकर खिलाड़ियों को प्रेरित कर रहा है।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब असली एक्शन मोड में है। देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 443 खिलाड़ी ट्रैक और फील्ड पर अपना दमखम दिखाने को तैयार हैं।

          क्या रहेगा खास?

  • 100 मीटर की स्पीड से लेकर 10,000 मीटर की सहनशक्ति तक
  • हर्डल्स, रिले, लॉन्ग जंप और हाई जंप का रोमांच
  • पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल मुकाबले
  • कुल 102 पदकों के लिए कड़ी टक्कर

छत्तीसगढ़ के 33 खिलाड़ी भी अपने घर में ही इतिहास रचने की तैयारी में हैं। हर दौड़, हर छलांग और हर थ्रो में बस्तर की मिट्टी की ताकत झलकेगी।

सिर्फ खेल ही नहीं, मेहमाननवाज़ी भी शानदार 👇
खिलाड़ियों के ठहरने के लिए शहर के 13 होटल तैयार, एसी वाहनों की सुविधा, कड़ी सुरक्षा, मेडिकल और फायर सिस्टम—all set. साथ ही, बस्तर के झरनों, जंगलों और संस्कृति की झलक भी मेहमानों को देखने मिलेगी।

यह आयोजन सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान को नई ऊँचाई देने का मौका है—जहाँ प्रतिभा, परंपरा और तकनीक एक साथ नजर आएंगे।

👉 आज से जगदलपुर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि खेलों का धड़कता मंच बन गया है।

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