सोलर पैनल के नाम पर बुजुर्ग से 2.20 लाख की ठगी, कथित वेंडर ने फोन पर की गाली-गलौज
उत्तम साहू
नगरी (धमतरी)। जिले में सौर ऊर्जा योजनाओं की आड़ में ग्रामीणों को ठगने का मामला सामने आया है। ग्राम सांकरा (तहसील नगरी) के 79 वर्षीय बुजुर्ग मदन लाल जैन से टाटा कंपनी का सोलर पैनल लगवाने के नाम पर 2 लाख 20 हजार रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित बुजुर्ग ने मामले की शिकायत कलेक्टर धमतरी से कर न्याय की गुहार लगाई है।
भरोसे का फायदा उठाकर ठगी
पीड़ित मदन लाल जैन के अनुसार, भूपेंद्र कुमार साहू नामक व्यक्ति ने दिसंबर माह में उनसे संपर्क किया था। उसने केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ दिलाने का दावा करते हुए टाटा कंपनी का 3 किलोवाट (3kW) सोलर सिस्टम लगवाने की बात कही। इन्वर्टर और बैटरी सहित पूरा सिस्टम लगाने के लिए कुल 2.20 लाख रुपये का सौदा तय हुआ।
बुजुर्ग ने इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) से फाइनेंस करवाकर 2 जनवरी 2026 को पूरी राशि कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी।
केवल पैनल लगाकर चले गए
आरोप है कि भुगतान मिलने के करीब एक महीने बाद मिस्त्री ने घर पहुंचकर केवल सोलर पैनल लगा दिए और इन्वर्टर व बैटरी बाद में लगाने की बात कहकर चला गया। इसके बाद जब बुजुर्ग ने कई बार फोन कर काम पूरा कराने की कोशिश की, तो पहले टालमटोल की गई और अब फोन उठाना भी बंद कर दिया गया है।
फोन पर की अभद्रता
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने दूसरे नंबर से संपर्क किया, तो सामने वाले व्यक्ति ने काम करने से साफ मना कर दिया और बुजुर्ग के साथ अश्लील व अभद्र भाषा का प्रयोग किया। कथित ठेकेदार ने यहां तक कह दिया कि “पूरी कंपनी को मैंने खरीद लिया है, मैं तुम्हारा नौकर नहीं हूँ।”
कर्ज के बोझ तले दबे बुजुर्ग
मदन लाल जैन हृदय रोग से पीड़ित हैं और अपनी आजीविका के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। उन्होंने बताया कि सोलर सिस्टम के लिए राशि उनके साले ने उपलब्ध कराई थी और अब उन्हें हर महीने करीब 2200 रुपये की किस्त चुकानी पड़ रही है। इन्वर्टर और बैटरी नहीं लगने के कारण सोलर सिस्टम उनके किसी काम का नहीं है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में मांग की है कि संबंधित एरिया मैनेजर और ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में इस तरह की ठगी करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने और इन्वर्टर-बैटरी की राशि तथा बैंक ब्याज वापस दिलाने की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस कथित “सोलर ठगी” के मामले में क्या कार्रवाई करता है।

