महासमुंद में 26वां प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य सम्मेलन सम्पन्न, साहित्यकारों का हुआ भव्य संगम
उत्तम साहू
महासमुंद। प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 26वां प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य सम्मेलन का भव्य एवं सफल आयोजन महासमुंद स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। इस साहित्यिक आयोजन में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से आए साहित्यकारों, कवियों एवं बुद्धिजीवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र की शुरुआत प्रातः 10:00 बजे राजगीत एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में साहित्यिक गरिमा और सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार हुआ। इस सत्र के मुख्य अतिथि रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला महासमुंद के सभापति श्री संदीप दीवान रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष श्री कान्हा कौशिक ने की। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती सौरिन चंद्रसेन, वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती संध्या शर्मा एवं श्रीमती अनुसूया अग्रवाल उपस्थित रहीं।
प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ी साहित्य के संवर्धन को नई दिशा देते हुए कई साहित्यकारों की प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें श्री मनोज सोनवानी ‘समदिल’ की पांच पुस्तकों के साथ महंत पोखनदास मानिकपुरी एवं श्री लालेश्वर सिंहा की कृतियां शामिल रहीं। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के अंतर्गत सुशील यदु सम्मान श्री विजय मिश्रा ‘अमित’, डॉ. निरुपमा शर्मा स्मृति सम्मान श्रीमती सुमन शर्मा बाजपेयी, हेमनाथ यदु स्मृति सम्मान श्री पोखनदास मानिकपुरी तथा शिवकुमार यदु शिकुम स्मृति सम्मान श्री जगन्नाथ डडसेना को प्रदान किया गया। वहीं साहित्य शिखर सम्मान से डॉ. प्रकाश पतंगीवार, श्री चेतन भारती, श्री पुनुराम साहू ‘राज’ एवं श्री मकसूदन राम साहू को नवाजा गया। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ी भाषा को विभिन्न माध्यमों से व्यापक पहचान दिलाने वाले साहित्यकारों को साहित्य प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया, जिसमें डॉ. मुक्ता कौशिक, श्री मनोज सोनवानी ‘समदिल’, श्रीमती रश्मि रामेश्वर गुप्ता एवं श्री के.एस. अडिल शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रांतीय अध्यक्ष श्री कान्हा कौशिक ने प्रस्तावना भाषण प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया। प्रथम सत्र का सफल संचालन श्री रुपेश तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. राजेश मानस द्वारा किया गया।
द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा उपस्थित रहे। सत्र की अध्यक्षता बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर ने की तथा विशेष अतिथि के रूप में डॉ. करुणा दुबे (प्राचार्य) एवं श्रीमती राजेश्वरी सोनी (सहायक प्राध्यापक) मौजूद रहीं।
इस सत्र में छत्तीसगढ़ी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके पश्चात विचार गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न जिलों से आए कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का सजीव पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए साहित्यकारों—जिनमें श्री इंद्रदेव यदु, ललित मानिकपुरी, मकसूदन राम साहू, मोहनलाल मानिक, सुरेंद्र अग्निहोत्री, डॉ. साधना कसार, द्रोपदी साहू, दीपक पटेल, नूतन लाल साहू, काशीपुरी कुंदन, संतोष कुमार, भोला महाराज, श्रीमती अनीता गौर, डॉ. सरस्वती वर्मा, वीरेंद्र सरल, लीलू दास मानिकपुरी, रवि शंकर चंद्राकर, संतोष गुप्ता, नितिन गुप्ता, तरुण कुमार, जितेश्वरी साहू, होरीलाल पटेल एवं रामचरण चंद्राकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक, प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अंत में प्रांतीय अध्यक्ष श्री कान्हा कौशिक ने सभी सहभागी साहित्यकारों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई देते हुए छत्तीसगढ़ी साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।




