सिहावा शीतला शक्ति पीठ में राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, ज्योत-ज्वारा का हुआ विसर्जन
उत्तम साहू
नगरी। शीतला शक्ति पीठ सिहावा में रामनवमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने रामलला को पालने में झुलाते हुए सोहर गीत गाए और भक्ति भाव में झूम उठीं। शीतला समिति के संचालक नरेन्द्र नाग ने राम जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, जिनका जीवन सत्य, धर्म, त्याग और आदर्शों का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान साकरा के विद्यार्थी मानस परिवार ने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया। ‘हर जन्म में तेरा साथ चाहिए’ जैसे भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दोपहर ठीक 12 बजे श्रीराम जन्म के पावन क्षण पर आतिशबाजी, पूजा-अर्चना और जयकारों के साथ उत्सव मनाया गया।
ज्योत-ज्वारा का पारंपरिक विसर्जन
महानवमी की सुबह ज्योत-ज्वारा का विसर्जन पारंपरिक विधि-विधान से किया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच शोभायात्रा निकाली गई, जो शीतला तालाब पहुंचकर विसर्जन में परिवर्तित हुई। ऋषि पंचमी सेवा मंडली, गणेश घाट सिहावा द्वारा माता सेवा गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे श्रद्धालु डांग आदि लिए नृत्य करते हुए शामिल हुए।
विधि-विधान से विसर्जन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। नवमी के अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की गई तथा भोग लगाकर भंडारे का आयोजन किया गया।
आचार्य नारायण प्रसाद पाठक ने बताया कि नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर नकारात्मकता को दूर करती है। भंडारे का आयोजन तुलसी डोटे (पुत्र प्रीतम डोटे) एवं शिवेंद्र डोटे परिवार गढ़डोंगरी द्वारा किया गया।
समिति के अध्यक्ष कैलाश पवार ने चैत्र नवरात्रि पर्व के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन में समिति के प्रमुख संचालक नरेन्द्र नाग, उपाध्यक्ष गगन नाहटा, महासचिव नेम सिंह बिशेन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सदस्य और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।



