छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम खेती पर सियासत तेज, रायगढ़ तक पहुंचा मामला..पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
रायपुर, 20 मार्च।
छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के लगातार सामने आ रहे मामलों ने अब सियासी रंग ले लिया है। दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़े जाने से प्रशासन सतर्क हो गया है। वहीं इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश अवैध अफीम की खेती का गढ़ बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ सहित नगरी-सिहावा क्षेत्र में भी इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिल रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध कारोबार को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने दुर्ग मामले में भाजपा नेता का नाम सामने आने को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इधर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह समस्या पूर्ववर्ती सरकार के समय की देन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के अनुसार, दुर्ग में अफीम खेती से जुड़े मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बलरामपुर में दो अलग-अलग मामलों में 11 आरोपियों को पकड़ा गया है। रायगढ़ के तमनार क्षेत्र में भी जांच जारी है और बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
अवैध अफीम की खेती का मामला अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ प्रदेश की सियासत का प्रमुख मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर और खुलासे तथा राजनीतिक बयानबाजी की संभावना बनी हुई है।

