नगरी में धड़ल्ले से बिक रही मिलावटी मिठाइयाँ! त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा पर बड़े सवाल, जांच की उठी मांग
उत्तम साहू
नगरी। होली और आगामी त्योहारों से पहले नगरी नगर में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर की एक बड़ी मिठाई दुकान में वर्षों से मिलावट का खेल चल रहा है, लेकिन संबंधित विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, मिठाइयों में हरसन पाउडर, शकरकंद और आलू जैसे सस्ते पदार्थों का उपयोग कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। आरोप है कि इस तरह लोगों के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी या तो अनजान बने हुए हैं या फिर कार्रवाई से बच रहे हैं।
त्योहारों से पहले विशेष जांच अभियान की मांग
नगरवासियों ने मांग की है कि त्योहारों को देखते हुए जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया जाए। नगरी अंचल सहित सिहावा, बेलर और सांकरा क्षेत्र की मिठाई दुकानों, किराना प्रतिष्ठानों और खाद्य निर्माण इकाइयों का सघन निरीक्षण किया जाए।
लोगों ने विशेष रूप से पेड़ा, कलाकंद, मोतीचूर लड्डू, खोया, बर्फी, रसगुल्ला, मलाई पेड़ा और काजू कतली जैसी लोकप्रिय मिठाइयों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करने की मांग की है। साथ ही पनीर, दूध, दही, नमकीन, आटा और बेसन जैसी खाद्य सामग्रियों की भी जांच की आवश्यकता जताई गई है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगरी अंचल में अब तक किसी विशेष प्रतिष्ठान के विरुद्ध औपचारिक दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विभाग को मिलावट की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं?
त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी कथित रूप से मिलावट कर अधिक मुनाफा कमाने में लगे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
उपभोक्ताओं से अपील
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि खुले में रखी और अत्यधिक रंगयुक्त मिठाइयों से परहेज करें। खाद्य सामग्री खरीदते समय उसके लेबल, निर्माण तिथि और उपयोग अवधि अवश्य जांचें। किसी भी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी शिकायत होने पर संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई हो सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई होती है या नहीं। नगरवासी शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री की मांग को लेकर एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं।

